स्वाईन फ्लू से डरें नहीं, लक्षण प्रतीत होते ही चिकित्सक से परामर्श लें-डॉ. रघु शर्मा

जयपुर, 3 जनवरी (का.सं.)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्साकर्मियों को स्वाईन फ्लू के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने एवं स्वाईन फ्लू पॉजिटिव पाये गये मामलों में परिजनों एवं आस-पास के घरों का सर्वेक्षण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने जुकाम, बुखार, खांसी, नाक बहना जैसे लक्षण पाये जाने पर तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा संस्थान में जाकर चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की है। डॉ. शर्मा ने स्वाईन फ्लू की स्क्रीनिंग, दवाईयों की उपलब्धता, सैम्पल एकत्रित करने की सुविधा, जांच की व्यवस्था, आईसोलेशन वाडर््स की स्थिति, आईसीयू की व्यवस्था, नियंत्रण कक्ष, स्वाईन फ्लू के बारे में जागरूकता अभियान तथा जिला अधिकारियों के दौरों इत्यादि की नियमित मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिये हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में स्वाईन फ्लू की जांच के लिए नमूने एकत्रित करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर उनको जांच के लिए मेडिकल कॉलेजों में भिजवाकर तत्काल जांच रिपोर्ट लेने एवं पॉजिटिव पाये जाने पर आवश्यक उपचार प्रारम्भ करने के निर्देश दिये।घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करें चिकित्सा मंत्री ने स्वाईन फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को रेपिड रेस्पॉन्स टीमें गठित करवाकर घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में स्वाईन फ्लू के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनचेतना जाग्रत करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी संभागीय व जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर स्वाईन फ्लू की स्थिति की निरन्तर समीक्षा करने तथा पॉजिटिव मामले पाये जाने पर निर्धारित मापदण्डों के अनुसार स्क्रिनिंग कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिये।
स्वाईन फ्लू की दवाईयां सभी चिकित्सा केन्द्रोंं में उलपब्ध डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि स्वाईन फ्लू की दवाईयां पर्याप्त मात्रा में सभी राजकीय चिकित्सा केन्द्रोंं में उलपब्ध है एवं आवश्यकतानुसार पर्याप्त आपूर्ति बनायी रखी जायेगी। साथ ही स्वाईन फ्लू के इलाज में लगे चिकित्साकर्मियों के वैक्सीन लगाने के लिये पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि स्वाईन फ्लू बचाव के लिए मास्क तथा जांच के लिये वीटीएम भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये पर्याप्त मात्रा में वीटीएम भी सभी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध करायी जा रही है।नियंत्रण कक्षों को प्रभावी बनायें चिकित्सा मंत्री ने स्वाईन फ्लू की रोकथाम के लिये अनवरत 24 घंटों के लिए बनाये गये राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय नियंत्रण कक्षों को प्रभावी बनाने एवं इन नियंत्रण कक्षों पर सूचना प्राप्त होते ही प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0141-2225624 एवं 0141-2225000 है। टोल फ्री नम्बर 104 व 108 से भी स्वाईन फ्लू के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है एवं सूचना दी जा सकती है।स्वाईन फ्लू की जानकारी हेतु सोशल मीडिया का भी उपयोग डॉ. शर्मा ने प्रदेशवासियों को स्वाईन फ्लू से बचाव के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिये व्यापक स्तर पर आईईसी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिये। फेसबुक पेज आईईसी राजस्थान पर बचाव संबंधित जानकारियां उपलब्ध करवायी जा रही है। वाट्स-अप संदेशों द्वारा भी जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है।स्वाईन फ्लू के लिये अलग से आउटडोर चिकित्सा मंत्री ने मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों, जिला अस्पतालों एवं सब डिवीजनल अस्प्तालों में स्वाईन फ्लू के मरीजों की जांच एवं उपचार के लिये अलग से आउटडोर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इन आउटडोर्स पर स्वाईन फ्लू का उपचार अंकित बैनर्स भी लगाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने चिकित्साधिकारियों को स्वाईन फ्लू के लक्षण प्रतीत होने वाले मरीजों की यथाशीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर रैफर करने के निर्देश दिये। सभी जिला अस्पतालों में स्वाईन फ्लू के उपचार के लिए अलग से 20 से 25 बैड आरक्षित करने तथा आवश्यकतानुसार आईसीयू वार्ड में वेन्टीलेटर्स भी आरक्षित करने के निर्देश दिये। गले में दर्द, नाक बहना और तेज बुखार होने पर टेमीफ्लू गले में दर्द, नाक बहना और तेज बुखार होने पर तत्काल कैटेगरी अनुसार संबधित रोगी को टेमीफ्लू प्रारम्भ करने एवं नमूना लेकर जांच करवाने के भी निर्देश दिये गये हैं। पॉजिटिव केस के सम्पर्क में आये लोगों को भी टेमीफ्लू देने के निर्देश दिये गये हैं। स्वाईन फ्लू की जांच व उपचार हेतु नियुक्त चिकित्साकर्मियों का गाईडलाइन्स के अनुसार वैक्सीनेशन कराने के भी निर्देश दिये गये हैं। साथ ही रेनबसेरों, स्कूलों, होटलों एवं हॉस्टलों इत्यादि स्थानों के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं। प्रभारी अधिकारियों को जिलों में ही रहने के आदेश डॉ. शर्मा ने स्वाईन फ्लू की रोकथाम के लिये राज्य स्तर से अधिकारियों को स्वाईन फ्लू प्रभावित विभिन्न जिलों में भिजवाकर स्वाईन फ्लू की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रयासों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये हैं। प्रभारी अधिकारियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक जाकर स्वाईन फ्लू के उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लेने एवं रोकथाम के सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। अब तक जोधपुर, उदयपुर, सीकर, झुंझुंनू, अलवर, भरतपुर आदि जिलों में राज्य स्तरीय अधिकारियों को भिजवाया जा चुका है।

 

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