मानवता को सबसे बड़ा धर्म मान कर काम करें मेडिकल प्रोफेशनल्स: डॉ. सुभाष गर्ग

 

जयपुर, 12 अक्टूबर (का.सं.)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा, सूचना एवं जनसम्र्पर्क राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा है कि समाज में चिकित्सक एवं इस क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स को ईश्वर का दर्जा प्राप्त है। उन्हें मानवता को अपना सबसे बड़ा धर्म मानते हुए मरीजों और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल्स से दुव्र्यवहार करने वालों पर सख्ती की जानी चाहिए लेकिन मेडिकल प्रोफेशनल्स को भी हड़ताल पर जाने से बचना चाहिए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री शनिवार को एसएमएस मेडकिल कॉलेज के सुश्रुत सभागार में इंडियन सोसायटी ऑफ रेडियोग्रार्फस एण्ड टेक्नोलॉजस्ट्सि की छठवीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस को सम्बोधीत कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थति चिकित्सक, रेडियोग्राफर्स, पैरामेडकिल प्रोफेशनल्स का आह्वान किया कि वे मेडकिल जांच, दवाईयों आदि में कमीशन के चलन को शपथपूर्वक बन्द करने का संकल्प लें और मरीजों को उचित दरों पर डायग्नोस्टिक सुविधाएं एवं ईलाज मुहैया कराएं। राज्य मंत्री डॉ. गर्ग ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में विकिरण के प्रयोग से होने वाला जोखिम कम से कम हो और सुरक्षा मानकों का पूरा पालन हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश में डाइरेक्टरेट ऑफ रेडिएशन सेफ्टी के गठन के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों के प्रणेता रहे हैं, प्रदेश की नि:शुल्क दवा और जांच योजनाएं उन्हीं की दूरदर्शी सोच की उपज हैं। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। वर्तमान में प्रदेश में 14 राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं तथा सरकार 12 मेडिकल कॉलेज और खोलने जा रही है। राज्य मंत्री डॉ. गर्ग ने कहा कि यह विचार भी किया जा रहा है कि राजकीय सेवा में भर्ती होने वाले पैरामेडिकल कर्मियों को अल्पकालीन प्रशिक्षण करवाया जाए ताकि वे गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डेटा साइंस जैसी नई विधाओं में बी.टेक. के कोर्स भी शुरू करवाए जाएंगे। एटॉमिक एनर्जी रेगुलेशन बोर्ड के डॉ. ए.यू. सोनावाने, एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. डीएस मीना, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. एस.एम. शर्मा, एएफएमओपी के अध्यक्ष डॉ. ए. चौगले ने भी कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को सम्बोधित किया।

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