31 अक्टूबर तक बनाए जाएंगे 3 लाख से अधिक सदस्य

सहकारी सदस्यता के लिए 22 सितम्बर से चलेगा अभियान
जयपुर, 11 सितम्बर (कासं)। राज्य में सहकारी योजनाओं का अधिक से अधिक किसानों एवं लोगों को लाभ मिल सके, इसके लिए 22 सितम्बर से प्रदेश स्तर पर अभियान चलाकर 3 लाख से अधिक नए किसानों एवं अन्य लोगों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा। यह अभियान 31 अक्टूबर, 2017 तक चलेगा। यह जानकारी सोमवार को सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने दी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि हमारा उद्ेश्य राज्य में सहकारिता का दायरा बढ़ा करगुणवत्तापूर्ण सहकारी सेवाओं के माध्यम से किसानों की वर्ष 2022 तक आय दुगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करना है। इस दिशा में नए किसानों को सहकारिता से जोडऩा एक कदम है।30 लाख किसान जुड़े है सहकारिता से : किलक ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 6 हजार 433 ग्राम सेवा सहकारी समितियों से लगभग 28 लाख किसान जुड़े हुए है। वहीं क्रय विक्रय सहकारी समितियों, उपभोक्ता भण्डार, प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के सदस्य मिलाकर प्रदेश में 30 लाख से अधिक किसान सहकारी सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से लगातार यह मांग की जाती रही है कि सभी किसानों को ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं अन्य समितियों का सदस्य बनाया जाए। उन्होंने बताया कि कई समितियां स्थानीय कारणों से नए किसानों को सदस्य नहीं बनाती हैं। सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सहकारी संस्थाओं में खुली एवं स्वैच्छिक सदस्यता के सिद्धान्त का कड़ाई से पालन कराने के लिए प्रदेश स्तर पर एक अभियान चलाकर लोगों को सहकारिता से जोडऩे का निर्णय लिया ताकि अधिक से अधिक किसानों को सहकारी योजनाओं का बड़े स्तर पर लाभ मिल सके।सहकारिता से जुडऩे के क्या है लाभ : सहकारिता मंत्री ने बताया कि यदि कोई किसान ग्राम सेवा सहकारी समिति, क्रय-विक्रय सहकारी समिति या प्राथमिक भूमि विकास बैंक का सदस्य है तो सरकार द्वारा वितरित होने वाला ब्याजमुक्त फसली ऋण का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सहकारिता विभाग 15 हजार करोड़ रुपये का बिना ब्याज का ऋण किसानों को दे रहा है, वही किसान को 27.50 रूपए में 6 लाख रुपए का बीमा, सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना, ििसंंचत एवं असिंचित भूमि पर 10 लाख रुपए तक का ऋण, 7.10 प्रतिशत ब्याज दर पर दीर्घकालीन कृषि ऋण तथा रियायती दर पर खाद-बीज, दवाइयां जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।
किलक ने बताया कि सहकारिता का स्वरूप सर्वसमावेशी है इसलिए सरकार चाहती है कि सहकारी योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभान्वित किया जाए ओर इस दिशा में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि सदस्य बनाने में किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस बात को लेकर भी गंभीर है कि यदि समितियां अपने स्तर पर सदस्य बनाने में आनाकानी करती है तो एक निश्चित समय के बाद विभाग के अधिकारियों को सदस्य बनाने के लिए पंचायत स्तर पर बैठाया जाएगा ताकि किसानों को सदस्य बनने में किसी प्रकार की परेशानी का नहीं हो।क्या काम करती है समितियां : सहकारी समितियां अपने स्तर पर स्थानीय आवश्यकता के अनुसार व्यवसाय करती हैं। राजस्थान में कई समितियां इसे बखूबी अंजाम दे रही है। कई समितियां चमड़े का कार्य, जिम, सिलाई केन्द्र, सुपर मार्केेट, आर.ओ. प्लांट, मिनी बैंकों का संचालन, कृषि यन्त्रों की सुविधा, खाद-बीज वितरण, भण्डारण की सुविधा इत्यादि सदस्यों को प्रदान कर रही है। ये समितियां अपने सदस्यों के लिए सामाजिक कल्याण जैसे कार्य कर सदस्यों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में बदलाव ला रही है। इन्हें सहकारिता विभाग से सहायता प्रदान कर बढ़ावा दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार एवं प्रमुख शासन सचिव सहकारिता अभय कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से सहकारी संस्थाओं में सदस्यता अभियान के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रारों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार तत्काल इकाई अधिकारी, केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों एवं प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के सचिवों के साथ बैठक कर अपने-अपने क्षेत्र में सदस्यता अभियान के लिए निर्देशित करें। उन्होंने बताया कि यदि संबंधित सोसायटी की सदस्यता प्राप्त करने में पात्र व्यक्ति को सदस्यता नहीं दी जाती है तो रजिस्ट्रार के समक्ष अपील करने का मौका पात्र व्यक्ति को दिया गया है।सदस्यता के लिए चुकाने होंगे 110 रुपये : कुमार ने बताया कि पात्र व्यक्ति ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं लेम्पस, क्रय-विक्रय सहकारी समिति, प्राथमिक भण्डार, होलसेल भण्डार, प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक, बुनकर सोसायटी, महिला समिति, क्रेडिट एवं थ्रिफ्ट समिति सहित सभी प्राथमिक समितियों के सदस्यता के लिए 10 रुपये का सदस्यता शुल्क एवं 100 रुपये की हिस्सा राशि के साथ आवेदन करने पर सदस्यता प्राप्त कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *