मेरा कॉम्पिटिशन किसी भी हिरोइन के साथ नहीं सोनम कपूर

सोनम कपूर कहती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से एक्टर्स हैं जो हर समय प्रतियोगिता की भावना के साथ काम करते हैं, वह सिर्फ हमेशा अपने बारे में सोचते हैं, लेकिन इस माले में उनकी सोच बिलकुल अलहदा है, वह एक्टर्स को उसी तरह प्यार करती हैं, जिस तरह फिल्म के निर्देशक करते हैं। अभिनेत्री सोनम कपूर कहती हैं कि उनकी फितरत निर्देशकों वाली है और वह आने वाले समय में फिल्मों का निर्देशन करेंगी। फितरत डायरेक्टर वाली होने के कारण वह कभी भी किसी ऐक्ट्रेस के साथ किसी भी तरह की कोई कॉम्पिटिशन की भावना महसूस नहीं करती हैं। अपनी फिल्म एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा के प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान हमसे हुई बातचीत में सोनम ने अपने अंदर पल रहे निर्देशक के बारे में बात की।
किसी भी हिरोइन का काम देखने के बाद ऐसा नहीं लगता कि मैं इससे बेहतर काम करुंगी
सोनम कपूर बताती हैं, मुझे लगता है मेरी फितरत एक डायरेक्टर जैसी है। मुझे ऐक्टर्स बहुत पसंद हैं। मैं कभी भी किसी हिरोइन के साथ किसी भी तरह की कोई प्रतियोगिता बिल्कुल भी नहीं महसूस करती हूं। मुझे किसी भी हिरोइन का काम देखने के बाद ऐसा नहीं लगता कि मैं इससे बेहतर काम करुंगी, बल्कि मुझे ऐसा फील होता है कि यार इसने क्या जबरदस्त परफॉर्म किया है… यह हिरोइन तो हर तरह के रोल कर सकती है, हर तरह के किरदारों में बिलकुल फिट बैठेगी।
बहुत से ऐक्टर्स कॉम्पिटिशन की भावना रखते हैं और हमेशा सिर्फ खुद के बारे में सोचते हैं
बात को समझाते हुए सोनम आगे कहती हैं, निर्देशक अपने ऐक्टर्स को प्यार करते हैं और मैं भी ऐक्टर्स को ही प्यार करती हूं। मुझे ऐक्टिंग करना भी बहुत पसंद है। मुझे बहुत प्यार है अपने काम से, लेकिन बहुत से ऐक्टर्स हैं जो कॉम्पिटिशन की भावना रखते हैं और हमेशा सिर्फ खुद के बारे में सोचते हैं। मैं हमेशा फिल्म के बारे में सोचती हूं। इसी सोच के कारण तो मैंने भाग मिल्खा भाग, संजू और पैडमैन जैसी फिल्मों में काम किया है। क्योंकि मुझे एक अच्छी फिल्म का हिस्सा बनना था, मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मैं क्या कर रही हूं, मेरा रोल क्या होगा, मुझे क्या मिल रहा है इस फिल्म से।
तो कब करेंगी आप फिल्मों का निर्देशन?
जवाब में सोनम कहती हैं, नजर न लगे… अभी तो मेरा करियर बहुत अच्छा चल रहा है… इतने अच्छे-अच्छे रोल आ रहे हैं, अच्छी फिल्मों के ऑफर हैं। अगर मुझे निर्देशन में जाना है तो सबसे पहले मैं 2 साल का ब्रेक लूंगी, कुछ डेवलप करूंगी, लिखूंगी। मुझे लिखने का भी बहुत शौक है।
एक ही फिल्म में ऐक्टिंग और डायरेक्शन करने को आप किस तरह देखती हैं?
सोनम कहती हैं, ‘यह मानसिकता गलत है कि ऐक्टर्स को ऐक्टिंग के साथ-साथ उसी फिल्म में डायरेक्शन नहीं करना चाहिए। पहले बहुत से डायरेक्टर ऐक्टिंग और डायरेक्शन खुद ही करते थे। राजकपूर साहब इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। इस मामले में खुद के लिए मैं सोचती हूं मैं एक ही फिल्म में दोनों काम शायद नहीं कर पाऊं, लेकिन कल क्या होगा कौन जानें। सोनम कपूर इन दिनों अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा के प्रमोशन में बिजी हैं। फिल्म में उनके अलावा राजकुमार राव, अनिल कपूर, जूही चावला, बृजेन्द्र काला, सीमा पाहवा और अक्षय ओबेरॉय जैसे कलाकार हैं। फिल्म के ट्रेलर और गानों को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म को संगीत से सजाया है रोचक कोहली और उनकी टीम ने। फॉक्स स्टार स्टूडियो और विधु विनोद चोपड़ा फिल्म के निर्माता हैं। इस फिल्म को विधु विनोद चोपड़ा की बहन शैली चोपड़ा ने डायरेक्ट किया है। सोनम कपूर कहती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से एक्टर्स हैं जो हर समय प्रतियोगिता की भावना के साथ काम करते हैं, वह सिर्फ हमेशा अपने बारे में सोचते हैं, लेकिन इस माले में उनकी सोच बिलकुल अलहदा है, वह एक्टर्स को उसी तरह प्यार करती हैं, जिस तरह फिल्म के निर्देशक करते हैं। अभिनेत्री सोनम कपूर कहती हैं कि उनकी फितरत निर्देशकों वाली है और वह आने वाले समय में फिल्मों का निर्देशन करेंगी। फितरत डायरेक्टर वाली होने के कारण वह कभी भी किसी ऐक्ट्रेस के साथ किसी भी तरह की कोई कॉम्पिटिशन की भावना महसूस नहीं करती हैं।

 

 

 

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