मिंत्रा-जबोंग के मर्जर से दस फीसदी से कम नौकरियां घटेंगी

नई दिल्ली। मिंत्रा-जबोंग के सीईओ अनंत नारायणन ने इस्तीफा देने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वह इन दोनों फैशल पोर्टल की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। इसके बैक-एंड कामकाज के एकीकरण पर उन्होंने कहा कि इससे इनमें दस फीसद से कम नौकरियों पर असर पड़ेगा। फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ बिन्नी बंसल के इस्तीफे के बाद हुए पुनर्गठन में इन दोनों पोर्टल्स को फ्लिपकार्ट के अधीन कर दिया गया। इसके साथ ही नारायणन को फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूति को रिपोर्ट करना है। इससे ये चर्चाएं शुरू हो गईं कि नारायणन इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं।अटकलों पर स्पष्टीकरण देते हुए नारायणन ने कहा, मैं इस कारोबार का नेतृत्व करता रहूंगा। उन्होंने मिंत्रा के सह संस्थापक मुकेश बंसल के बाद चीफ एक्जीक्यूटिव के रूप में 2015 में ज्वाइन किया था। सूत्रों के अनुसार इसके सीएफओ दीपांजन बसु ने इस्तीफा दे दिया है। इस बात की चर्चाएं जोरों पर हैं कि फ्लिपकार्ट से अनायास सह संस्थापक बिन्नी बंसल की विदाई के बाद कुछ और वरिष्ठ अधिकारी कंपनी का साथ छोड़ सकते हैं।नारायणन ने कहा कि मिंत्रा और जबोंग के बैक-एंड कामकाज में एकीकरण होने से टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग, फाइनेंस और क्रिएटिव जैसी गतिविधियों में कुछ स्टाफ सरप्लस हो सकता है। लेकिन इन दोनों के कुल स्टाफ में कटौती दस फीसद से कम होगी। उन्होंने प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की संख्या बताने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि एकीकरण की प्रक्रिया चल रही है। हमारे कर्मचारी बहुमूल्य हैं लेकिन आवश्यकता को देखते हुए यह किया जा रहा है। बाजार में बने रहने और ग्र्राहकों को सेवा देने के लिए बेहतरीन कारोबारी प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। मिंत्रा और जबोंग अपने-अपने अलग क्षेत्रों में ही काम करते रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *