जानें मेवे,अंडे, कॉफी के बारे में क्या हैं मिथक

 

सदियों से खाने को लेकर तरह-तरह की भ्रांति है। फलां चीज खानी फायदेमंद है, फलां चीज खाने से नुकसान होता है। लेकिन अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो इन भ्रांतियों पर ध्यान देने की बजाय इस बात पर ध्यान दें कि आपके आहार में हेल्दी और पौष्टिक चीजें हों।
मिथक: अंडे सेहत के लिए ठीक नहीं?
हकीकत: बहुत साल से बहुत सारे न्यट्रिशनिस्ट अंडे को हेल्दी खाना नहीं मानते। उनका मानना है कि अंडे में मिलने वाला कोलेस्ट्रॉल रक्तवाहिनियों को बाधित करता है, इसलिए अंडे का सेवन करने से हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। यह धारणा पूरी तरह से गलत है। मशहूर फ्रैमिनिगम हार्ट स्टडीज में यह कहा गया है कि हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक का कारण बनता है। अंडे के सेवन और कोलेस्ट्रॉल में कोई संबंध नहीं है। अंडा विटामिन डी और कैल्शियम का स्रोत है। इसमें अनसेचुरेटेड फैट, फोलेट, विटामिन बी और खनिज की भी बहुतायत होती है, इसलिए अंडे का सेवन करना हानिकारक नहीं है।
मिथक: कॉफी से कैंसर होता है
हकीकत : 1970 के दशक में शोधकर्ताओं ने कॉफी को कैंसर का कारक माना। ऐसा माना गया कि कॉफी में मौजूद कैफीन ब्रेस्ट में सिस्ट बढ़ाने की कारक है। लेकिन 1981 में हावर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये शोध में पाया गया है कि कॉफी पीने से ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका नहीं होती, बल्कि इसके सेवन से पैनक्रिएटिक कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। लेकिन बाद के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में इस तरह की किसी भी आशंका से इनकार किया। इस संबंध में 1990 से लेकर 2003 तक 17 शोध हुए, जिनमें पाया गया कि जो लोग नियमित तौर पर कॉफी पीते हैं, उनमें कोलोन कैंसर की आशंका 24 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

मिथक: लो फैट खाना ज्यादा फायदेमंद
हकीकत: ऐसा माना जाता है कि लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन यह हमेशा सही नहीं होता। अगर आप अपना मोटापा कम करना चाहते हैं तो फैट वाले दूध का इस्तेमाल करें। फैट वाले उत्पाद का प्रयोग करने से ज्यादा देर तक भूख नहीं लगती, जिससे आप बाजार की चटर-पटर चीजें खाने से बच जाते हैं। सलाद पर हमेशा ऑयल बेस्ड ड्रेसिंग करना फायदेमंद रहता है, फिर वह लो फैट हो या फैट फ्री। हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में यह पाया गया है कि अगर आप अपने आहार में वसा को शामिल नहीं करते तो सलाद में बहुत सारी चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें आपका पाचन-तंत्र बिना ऑयल के पचा ही नहीं पाता।
मिथक: कच्चे फल और सब्जियां ज्यादा लाभदायक
हकीकत: ऐसा माना जाता है कि पके हुए भोजन की तुलना में कच्ची सब्जियां और फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। ऐसा नहीं है कि पकाने के बाद भोजन को पचाना ज्यादा आसान होता है। सलाद के तौर पर आप कच्ची सब्जियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन आपको केवल फल और सब्जियों से ही सारा पोषण नहीं मिल सकता। इसके लिए आपको कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम की भी जरूरत होती है। ये सारी चीजें आपको रोटी, चावल और दाल से ही मिलती हैं। इन्हें कच्चा नहीं खा सकते।
मिथक: सूखे मेवे मोटापा बढ़ाते हैं
हकीकत: ऐसा माना जाता है कि सूखे मेवों में बहुत ज्यादा फैट होता है, जिसकी वजह से इनका अधिक सेवन करने से मोटापा बढ़ता है। लेकिन ऐसा नहीं है। सूखे मेवे बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं। भुनी हुई मूंगफली दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छी होती है। इसका सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है। हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि मंूगफली में बहुत ज्यादा पोषक तत्व पाये जाते हैं। इसका सेवन करने से जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। इसी तरह से अगर आप रोज सुबह नाश्ते में आठ-दस दाने बादाम के खाते हैं तो आपको काफी देर तक भूख का एहसास नहीं होता।

 

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