नारायणा हेल्थ ने डेटा एनालिटिक्स एवं एआई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया

जयपुर। नारायणा हेल्थ के फाउंडर एवं चेयरमैन, डॉक्टर देवी शेट्टी ने 1983 में अपनी प्रैक्टिस शुरू की थी। तीन शतक बीत जाने और 1500 से अधिक सर्जरी कर लेने के बाद, जब भी उनके मरीज सर्जरी में कितना खर्च आएगा के प्रश्न के साथ उनके पास आते हैं तब वे इस बात से बेहद व्याकुल हो जाते है। पद्मश्री और पद्मभूषण पुरुस्कार विजेता कार्डियक सर्जन डॉक्टर देवी शेट्टी ने कहा, हेल्थकेयर प्रदाता के रूप में यह आवश्यक है कि हम मरीज में मौजूद व्यक्ति को कभी न भूलें। कीमतों का टैग मानवजीवन के लिए उचित नहीं। यह न केवल मरीज के लिए बल्कि डॉक्टरों के रूप में हमारे लिए भी अनुचित है। वत्र्तमान में हम जिस प्रकार की हेल्थकेयर प्रदान कर रहे हैं, जिसमें भारी भूल हो रही है। बीमारी से बड़ी चिंता उसके खर्च की हो गयी है।हेल्थकेयर को किफायती एवं सुलभ बनाने के अपने मिशन को पूरा करना के लिए डॉक्टर शेट्टी ने साल 2000 में बेंगलूरु में नारायणा हेल्थ ग्रुप ऑफ़ मल्टीस्पेशलटी हॉस्पिटल्स का गठन किया था। उन्होंने ऐसे मॉडल की शुरुआत की, जिसमें मरीजों को अस्पताल में आने के बाद सर्जरी के लिए फिक्स्ड मूल्य बताया जाता है। अस्पताल छोडऩे के वक्त उन्हें अनिश्चित बिल का भुगतान नहीं करना पड़ता है। डॉक्टर शेट्टी ने कहा की डिलीवरी में सुधार केवल टेक्नोलॉजी से ही हो सकता है। उन्होंने ये भी कहा की एडवांस एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे डिजिटल कार्य दुनिया के लोगों के लिए हेल्थकयर सुरक्षित, किफायती और सुलभ बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *