स्वास्थ्य सचिव ने की पोषण, लैबररूम व एसएनसीयू सेवाओं की समीक्षा

जयपुर, 24 सितम्बर (का.सं.)। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदशक एनएचएम नवीन जैन ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सितम्बर माह में संचालित पोषण अभियान की गतिविधियों सहित लैबररूम एवं नवजात शिशुओं के उपचार हेतु संचालित एसएनसीयू सेवाओं की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में समस्त जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारियों, एसएनसीयू इंचार्ज, एनएचएम व एनयूएचएम के डीपीएम सहित जिला आईईसी समन्वयकों ने भाग लिया।पोषण संबंधी जानकारियां पहुंचाये जैन ने सितम्बर माह में संचालित पोषण अभियान की जानकारियों का लाभ प्रसूति नियोजन दिवस, महिला आरोग्य समितियों, मातृ-शिशु स्वास्थ्य व पोषण दिवसों, कुपोषण उपचार केन्द्रों, अमृत कक्षों, फेमिली केयर सेन्टरों एवं डाटर्स ऑर प्रीशियस संवाद कार्यक्रमों के आयोजनों के दौरान जनसमुदाय में व्यापकता के साथ उपलब्ध करवाने के पश्चात् यथासमय निर्धारित पोर्टल पर आवश्यक रिपोर्ट अपलोड़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि माह सितम्बर में पोषण अभियान के दौरान स्तनपान, पूरक आहार, टीकाकरण, हैल्थ ग्रोथ, दस्त नियंतर््ण, साफ-सफाई-जल व व्यक्तिगत स्वच्छता, एनीमिया, किशोर स्वास्थ्य व प्रसव पूर्व जांचे इत्यादि विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर जनसमुदाय में इनकी जानकारियां व लाभ प्रदान किया जा रहा है।मातृ व नवजात मृत्युदर रोकथाम में लैबर रूम अहम् मिशन निदशक ने बताया कि सभी जिलों में लैबररूम सेवाओं में अपग्रेडन के उद्धश्य से दक्षता मेंटर नियुक्त हैं एवं हाई लोड़ वाले लैबररूम में 14 पाईन्ट्स के स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल के अनुसार सुधार लाया जा रहा है। जिला अधिकारियों को नियमित रूप से लैबररूम गतिविधियों का मूल्यांकन करने तथा दक्षता मेंटर के फीडबैक के अनुसार सेवाओं सुदृढ़ीकरण लाने के निर्देश दिये गये।एसएनसीयू सेवाओं में अगस्त माह में झुंझुनूं एसएनसीयू अव्वल निदेशक आरसीएच डॉ.ओ.पी.थाकन ने बताया कि मिसाल सॉफ्टवेयर से प्राप्त अगस्त माह की हैल्थ इंडेेक्स रेंकिंग में झुंझुनूं जिला एसएनसीयू ने चार स्थान की बढ़त लेकर प्रथम तथा सिरोही एसएनसीयू ने 6 स्थान की बढ़त के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उन्होने बताया कि वीडियो कॉन्फे्रंस के माध्यम से नवजात शिशु सघन चिकित्सा इकाई सेवाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि वाले झुंझुनूं, सिरोही, करौली, डूंगरपुर, बालोतरा, उदयपुर व चूरू जिलों के एसएनसीयू प्रभारियों के द्वारा उनके अनुभव भी साझा करवाये गये हैं। उन्होंने विशेषकर पाली एवं अलवर एसएनसीयू की सेवाओं में और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध एसएनसीयू इकाइयों में जयपुरिया युनिट प्रथम रही है एवं अजमेर के जनाना चिकित्सालय के एसएनसीयू में दो स्थान का सुधार दर्ज किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस समीक्षा बैठक में परियोजना निदशक मातृ स्वास्थ्य डॉ.तरूण चौधरी एवं परियोजना निदशक शिशु स्वास्थ्य डॉ. रोमेल सिंह ने विस्तार से तकनीकी जानकारियां दी।

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