निलेकणि नहीं लेंगे इंफोसिस में सैलरी, मूर्ति की तरह देंगे सेवा

बेंगलुरु। इंफोसिस के नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन नंदन निलेकणि ने कंपनी से तनख्वाह लेने से इंकार कर दिया है। इंफोसिस के बोर्ड डायरेक्टर किरण मजूमदार शॉ ने बताया कि निलेकणि ने खुद किसी भी तरह का मेहनताना लेने से मना कर दिया है।बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में जानकारी देते हुए इंफोसिस ने कहा कि डायरेक्टर के रूप में निलेकणि ‘रिटायरमेंट बाइ रोटेशन’ की तरह रहेंगे और उन्हें कोई सैलरी नहीं दी जाएगी। निलेकणि को बोर्ड का सदस्य सबसे पहली बार 1981 में बनाया गया था और वह 2009 तक बोर्ड के सदस्य रहे थे।साल 2010 में उन्होंने डायरेक्टर के रूप में उनकी सैलरी 34 लाख थी। इसके अलावा निलेकणि के पास कंपनी में 0.93 परसेंट इक्विटी शेयर्स हैं। इंफोसिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यूबी प्रवीण राव चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में काम करते रहेंगे।गौरतलब है कि पूर्व सीईओ विशाल सिक्का के इस्तीफे के बाद निलेकणि ने इंफोसिस के मैनेजमेंट में सुधार और उसके विवादों को कम करने के लिए कंपनी की कमान एक बार फिर अपने हाथ में ले ली है। विशाल सिक्का के इस्तीफे से कंपनी के शेयर प्राइस में काफी गिरावट आ गई थी, जिसको सुधारना बहुत ही जरूरी था। निलेकणि के आने के बाद इस स्थिति में काफी सुधार आया है। निलेकणि ने इंफोसिस से सह संस्थापक मूर्ति की तरह ही सैलरी नहीं लेना का कदम उठाया है। बताते चलें कि मूर्ति ने भी जब इंफोसिस में अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की थी, तो महज एक रुपए सालाना सैलरी पर कंपनी की कमान संभाली थी।

 

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