नुसरत प्यार का पंचनामा फेम ने बताया कास्टिंग काउच का अनुभव

प्यार का पंचनामा सीरीज की फिल्मों के लिए मशहूर अभिनेत्री नुसरत भरूचा अपनी पुरानी टीम के साथ नई फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी में नजर आने वाली हैं। ब्रोमांस वर्सस रोमांस की अनूठी थीम पर आधारित इस फिल्म के बारे में हमने नुसरत से की एक मजेदार बातचीत…
इस फिल्म में आप निर्देशक लव रंजन और ऐक्टर कार्तिक आर्यन के साथ चौथी बार काम कर रही हैं। बार-बार इस टीम के साथ काम करने की कोई खास वजह? इस टीम के साथ काम करना दूसरों से कितना अलग या फायदेमंद होता है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मैं खुद यह तय करती हूं कि मुझे इसी टीम के साथ काम करना है। इसकी वजह सिर्फ यह है कि कोई और मुझे इससे बेहतर काम नहीं दे रहा है। लव सर और कार्तिक के साथ मेरी चौथी फिल्म है और हम सभी फिल्म दर फिल्म मैच्योर हुए हैं। इस टीम के साथ काम करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मुझे पता है कि मुझे सिर्फ अपनी ऐक्टिंग पर ध्यान देना है। बाकी मैं कैसी दिख रही हूं, मुझे कैसे प्रेजेंट करना है, वह मेरे डायरेक्टर बखूबी कर लेंगे। वह मुझे खूबसूरत तरीके से ही दिखाएंगे। जबकि यह एक कमी भी है कि आप एक कंफर्ट जोन में चले जाते हैं। फिर दूसरी टीम के साथ काम करते समय भी आप इन चीजों पर ध्यान नहीं देते और तब रिजल्ट उस तरह निखरकर नहीं आ पाता।
आपकी फिल्म में ब्रोमांस वर्सस रोमांस का एक अलग ही कॉन्सेप्ट सुनने को मिल रहा है। असल जिंदगी में कभी आपने ऐसा देखा है?
मेरे साथ खुद ऐसा हुआ है। मेरे बॉयफ्रेंड को मेरे दोस्त से दिक्कत थी। वह मेरा बेस्ट फ्रेंड था और हम कई सालों से दोस्त थे। वह मेरे बहुत करीब था, लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड को पसंद नहीं था कि मैं किसी दूसरे लड़के के साथ ज्यादा वक्त बिताऊं। ऐसे में मेरे सामने प्यार और दोस्ती में से एक को चुनने की नौबत आ हुई। तब मैंने प्यार को चुना और बॉयफ्रेंड की खातिर दोस्त को बाय-बाय बोल दिया। ऐसा असल जिंदगी में बहुत होता है। ये एक किस्म से हक जताने वाली बात होती है। दोस्त को लगता है कि अरे, मेरा दोस्त एक लड़की के चलते हमसे दूर हो गया, तो लड़की को लगता है कि यार, मेरे बॉयफ्रेंड को तो अपने दोस्तों से ही फुर्सत नहीं है। यह बिल्कुल सास-बहू वाली समस्या है। जैसे सास को लगता है कि शादी के बाद बेटा तो बहू का हो गया, जबकि बहू को लगता है कि उसका पति अब भी हमेशा मां के पल्लू से ही बंधा रहता है।
ये सास-बहू वाली बात तो घर-घर की समस्या बन चुकी है। आपके हिसाब से इसका क्या समाधान हो सकता है?
मेरे हिसाब से इससे बचने का बेहतर रास्ता यह है कि शादी के बाद लड़का और लड़की एक साथ अकेले रहें। शादी का रिश्ता वैसे ही बहुत नाजुक और महत्वपूर्ण होता है। शादी के बाद लड़का और लड़की खुद एक-दूसरे को जानने-समझने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जब रिश्तेदार भी बीच में आ जाते हैं, तो मतभेद बढ़ते हैं। इसीलिए मेरे हिसाब से शादी के बाद कपल को थोड़ा स्पेस देना चाहिए, ताकि वे पहले खुद एक-दूसरे को अच्छे से समझ सकें। बेशक सास-ससुर ऊपर के फ्लोर पर रहें, लेकिन लड़के-लड़की को नीचे का फ्लोर अलग मिलना चाहिए।
प्यार का पंचनामा से लेकर अब तक के अपने सफर को कैसे देखती हैं? यहां तक पहुंचने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा?
संघर्ष तो हर रोज है और वह अब भी जारी है। मेरे लिए यह भी एक स्ट्रगल है कि मेरा यह इंटरव्यू छपेगा भी नहीं? क्योंकि ऐसा होता है कि किसी बड़ी ऐक्ट्रेस का इंटरव्यू आ गया, तो मेरा हटा दिया जाएगा। फिल्मों में रोल के मामले में भी ऐसा ही होता है। आप ऑडिशन देते हैं। प्रॉजेक्ट की आस लगाए रहते हैं। कई बार बात बन भी रही होती है, फिर कोई और आपकी जगह आ जाता है। इसीलिए, मैं एक ही बात मानती हूं कि यहां आपके हाथ में कुछ नहीं है। आपको बस अपना काम करते रहना है। मैं खुश हूं कि मैं इतनी फिल्में कर पायी हूं। लोग मुझे ‘पंचनामा गर्ल के रूप में ही सही, पहचानते हैं।
बॉलिवुड में नॉन फिल्मी बैकग्राउंड की लड़कियों के साथ कास्टिंग काउच जैसी बातें भी सुनने को मिलती हैं। आपका अनुभव कैसा रहा?
इंडस्ट्री में ऐसी बातें होती हैं। मेरे साथ सीधे-सीधे ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन इशारों-इशारों में पता चल जाता है कि सामने वाला आपसे क्या कहना चाहता है? मसलन एक बार मुझे एक रोल के लिए बुलाया, फिर वह कहने लगे कि बहुत बोल्ड फिल्म है, बहुत बोल्डनेस दिखानी पड़ेगी। तुम कर लोगी? वगैरह-वगैरह। तब मैंने उनसे साफ कहा कि बोल्डनेस से आपका मतलब क्या है? कितना बोल्ड किरदार है? आप मुझे पेपर पर बताइए। आपकी बोल्डनेस की परिभाषा मेरी बोल्डनेस की परिभाषा से अलग हो सकती है। अगर मुझे आपकी बोल्डनेस की हद पता चल जाए, तभी बता पाऊंगी कि मैं वह करूंगी या नहीं। जाहिर है वह फिल्म मुझे नहीं मिली।
आपकी अब तक की फिल्मों में हमेशा यंग गर्ल वाले किरदार रहे हैं। कोई कैरक्टर ओरिएंटेड रोल निभाने के बारे में नहीं सोचा। आजकल तो बहुत सारी बायॉपिक भी बन रही हैं?
सच कहूं तो अभी मुझे नहीं लगता कि मैं अभी वैसे किरदार निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। मेरे हिसाब से बायॉपिक के लिए खुद को तैयार करने में अभी थोड़ा समय लगेगा। हालांकि मैं हाइवे या उड़ता पंजाब में जैसा आलिया भट्ट या फिर क्वीन या तनु वेड्स मनु में कंगना रनौत के किरदार जैसा कुछ करना चाहूंगी।

 

 

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