महारानी गायत्री देवी की 100वीं जन्म शताब्दी पर अनेक आयोजन

 

जयपुर, 21 अप्रैल (एजेन्सी)। महारानी गायत्री देवी की 100वीं जन्म शताब्दी पर उनके पौत्र, महाराज देवराज सिंह और पोती, राजकुमारी लालित्य कुमारी अउर महारानी गायत्री देवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शताब्दी वर्ष में अनेक आयोजन करवाये जायेंगे। इस वर्ष 23 मई 2019, जो राजमाता गायत्री देवी का जन्मदिवस है, से स्मरणोत्सव शुरू कर ये आयोजन अगले साल 23 मई 2020 तक चलेंगे। महारानी गायत्री देवी की जयपुर एवं जयपुर वासियों के प्रति गहन प्रतिबद्धता, लगाव एवं प्रेम रहा है। उनका सम्पूर्ण जीवन जयपुर की समृद्धि, सुंदरता और विकास हेतु समर्पित रहा है। प्रत्येक शहरवासी से भी उनकी यही अपेक्षा रही है, कि वे जयपुर को दुनियाँ का हरा भरा, स्वच्छ, सुंदर और सर्वश्रेष्ठ शहर बनाने में भरपूर योगदान दें। यह जानकारी आज जयपुर में महारानी गायत्री देवी के पोते, महाराज देवराज सिंह ने दी। 23 मई को स्मरणोत्सव का आरंभ प्रात: जल्दी, गुलाबी शहर के मध्य में स्थित आध्यात्मिक स्थल गोविंद देव जी मंदिर में होगा, जहां उनकी जन्म शताब्दी पर लोग प्रार्थना और भजन के माध्यम से उनहे श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। एक 7 दिवसीय लंबी फोटो प्रदर्शनी – Óए जर्नी टू द हार्टस ऑफ पीपलÓ विषय पर महारानी गायत्री देवी की जीवन यात्रा पर 26 मई को बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम और 27 मई से 02 जून तक जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित कलानेरी आर्ट गैलरी में प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी में प्रवेश सभी के लिए मुफ्त है और प्रदर्शनी में आने वाले दर्शक इन चित्रों के माध्यम से महारानी गायत्री देवी की जीवन यात्रा देख सकंगेें। यह जानकारी राजमाता गायत्री देवी की बहू, राजकुमारी प्रियानंदना रैंगिस्त ने दी। इन आयोजनों के बाद एक पुरस्कार समारोह का आयोजन भी किया गया है, जिसमें महारानी गायत्री देवी चैरिटेबल ट्रस्ट पहली बार सम्मान और बढ़ावा देगा, ज0 उनकी दृष्टि में जयपुर शहर को पर्यावरण या सामाजिक रूप से समृद्धि प्रदान करने वाले किसी चैंपियन व्यक्ति या संगठन के हो। हम इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ता का चयन एक ऐसे व्यक्ति या संगठन के रूप में करना चाहते हैं जिसने शहर को साफ करने और जयपुरवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए नई पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं को नया रूप दिया ह0। लोगों और स्थानीय लोगों के नामांकन पत्रों के माध्यम से उनके लिये नामांकन आमंत्रित किए जा रहे हैं, जिसके बाद एक जूरी समिति जिसमें राजकुमारी लालित्य, राजमाता गायत्री देवी की पोती; प्रिया नंदना रैंगिस्त, स्वर्गीय राजमाता गायत्री देवी की बहू; मधुर भंडारकर, भारतीय फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता; 16 साल की उम्र में शूटिंग के लिए अर्जुन अवार्ड विजेता और बीकानेर के महाराजा गंगा सिंहजी ट्रस्ट की चेयरपर्सन, राजकुमारी राज्यश्री कुमारी; और भरतपुर की दीवया सिंह, भाजपा से पूर्व निर्वाचित सांसदय; पुरस्कार के लिये नाम या संगठन का अंतिम निर्णय देंगे। पुरस्कार में एक पदक और 1,00,000 (लाख) रुपये दिये जायेंगे। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि प्राप्तकर्ता को एक राजनीतिज्ञ या एक राजनीतिक संगठन से नहीं होना चाहिए। राजमाता साहब के जीवन पर एक संगीतमय नाटक अभिनय भी उनकी यादों को ताजा करने के लिये अयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी आयोजन सचिव, मुकेश मिश्रा ने दी।

 

 

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