लेडिज कोच में आरएसएस पदाधिकारी को बैठना महंगा पड़ा

 

श्रीगंगानगर, 7 जून (का.सं.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक पदाधिकारी को रेलगाड़ी के लेडिज कोच में बैठना महंगा पड़ गया। समझाइश के बावजूद कोच से नहीं उतरने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उस पर रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती रात कालका-बाड़मेर रेलगाड़ी बठिंडा से रवाना हुई तो एक पुरुष लेडिज कोच में सवार हो गया। कोच में यात्रा कर रही महिलाओं में से एक ने इस पर आपत्ति जताई। इस पुरुष को अगले स्टेशन पर नीचे उतर कर दूसरे कोच में जाने को कहा। मगर पुरुष यात्री नहीं माना। वह धौंस जमाने लगा। उसके ऐसे व्यवहार से नाराज महिला यात्री ने इसकी शिकायत कोच में लेडिज गार्ड से की। लेडिज गार्ड ने पूछताछ की तो पुरुष यात्री की पहचान सुशील गुप्ता पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता निवासी वार्ड 14 पीलीबंगा जिला हनुमानगढ़ के रूप में हुई। गार्ड ने भी उसे लेडिज कोच से नीचे उतर जाने को कहा। मगर वह नहीं माना। आरोप है कि गार्ड व महिला यात्री से उसने अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद गार्ड ने आरपीएफ थाना हनुमानगढ़ को सूचना दी। आज सुबह जैसे ही रेलगाड़ी हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रुकी, सुशील गुप्ता को आरपीएफ के जवान पकड़कर थाने में ले गए। उस पर रेलवे अधिनियम की धारा 162 व 145 के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान बना दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व पदाधिकारी एवं भारत विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष रह चुके सुशील गुप्ता ने भाजपा तथा संघ कार्यकर्ताओं को अपने साथ हुए इस घटनाक्रम की सूचना दी। भाजपा व संघ से जुड़े कई पदाधिकारी उनकी सिफारिश में आरपीएफ थाने पहुंचे। कई जन प्रतिनिधियों से फोन भी करवाये। मगर रेलवे पुलिस कर्मियों ने कहा कि अब कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कागजी कार्रवाई पूरी कर दी है। कार्रवाई होने के बाद थाने में ही सुशील गुप्ता की जमानत ले ली गई।

 

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