समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 2 अक्टूबर से ऑनलाईन पंजीयन होगा प्रारम्भ

राज्य में पहली बार लागू हुई व्यवस्था

जयपुर, 27 सितम्बर (कासं)। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया कि प्रदेश में अक्टूबर माह से समर्थन मूल्य पर खरीद प्रारम्भ हो जाएगी। इसके लिए ऑनलाईन पंजीकरण 2 अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। किलक बुधवार को राजफैड परिसर में राजफैड की 61वीं आमसभा को संबोधित कर रहे थे। किलक ने बताया कि मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की खरीद समर्थन मूल्य पर की जा रही है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए प्रदेश में पहली बार ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों(केवीएसएस) पर की गई है। ई-मित्र से पंजीकरण कराने पर किसान को 21 रुपये तथा क्रय-विक्रय सहकारी समिति के खरीद केन्द्र पर पंजीकरण कराने के लिए किसान को 10 रुपये का भुगतान करना होगा।उन्होंने बताया कि पंजीकरण के दौरान भामाशाह कार्ड नम्बर एवं खसरा गिरदावरी देनी होगी। भामाशाह कार्ड नहीं होने की स्थिति में ई-मित्र पर तत्काल ही भामाशाह के लिए एनरोलमेंट किया जाएगा एवं एनरोलमेंट नम्बर से ऑनलाईन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि पंजीकरण होते ही किसान को एसएमएस द्वारा मोबाइल पर उपज की मात्रा एवं खरीद दिवस की सूचना दी जाएगी। उन्होंने बताया कि किसान को तत्काल भुगतान हो इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए गए हैं और मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के निर्देश पर प्रारम्भिक तौर पर भुगतान हेतु फण्ड की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है ताकि किसानों को भुगतान करने में विलम्ब नहीं हो। किसान को उपज का भुगतान सीधे ही उसके खाते में किया जाएगा। सहकारिता मंत्री ने बताया कि खरीद के दौरान कई बार पंजीकरण से जुड़ी अव्यवस्थाओं की वजह से किसान को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसमें सुधार करते हुए पहली बार ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था प्रारम्भ की है। जिससे किसान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मूंग के लिए 76, उड़द के लिए 28, मूंगफली के लिए 29 तथा सोयाबीन के लिए 21 खरीद केन्द्र चिह्वित किए गए हैं। किलक ने बताया कि वर्ष 2017-18 के लिए मूंग के लिए 5575 रुपये, उड़द के लिए 5400 रुपये, मूंगफली के लिए 4450 रुपये तथा सोयाबीन के लिए 3050 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बोनस के साथ घोषित किया है। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार कांटों की संख्या बढ़ाई जाएगी एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा।इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार, राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान सहित क्रय विक्रय सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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