भारत में केवल 29 प्रतिशत सफाई करती है कीटाणुओं को नष्ट : सर्वे

नई दिल्ली, 16 अप्रैल(एजेन्सी)। आरबी के फ्लैगशिप ब्रांड लाइजॉल, जो दुनिया का नंबर वन कीटाणु नाशक ब्रांड है, ने रणनीतिक सर्च कंसल्टेंसी इनसाइट द्वारा किए गए सर्वे के परिणाम जारी किए हैं। सर्वे के परिणाम घरों के लिए कीटाणु नाशक की आवश्यकता के प्रति भारतीयों के व्यवहार पैटर्न और उनकी धारणाओं को उजागर करने पर एवं प्रत्येक भारतीय परिवार में इसे प्राथमिकता बनाने की तत्काल आवश्यकता को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में केवल 29 प्रतिशत सफाई के अवसर ही कीटाणु को मारते हैं, जबकि अमेरिका के लिए यह आंकड़ा 53 प्रतिशत, ब्राजील के लिए 60 प्रतिशत, ब्रिटेन के लिए 51 प्रतिशत और चीन के लिए 57 प्रतिशत है। यह भारत को नाइजीरिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसे देशों के साथ निचले पायदान पर रखता है। भारतीयों द्वारा अपने घरों को साफ करने के लिए कई तरीकों को अपनाया जाता है, जिसमें सबसे सामान्य तरीका है कपड़े और बर्तन धोने में इस्तेमाल किए जाने वाले साबुन और डिटर्जेंट से धुलाई करना। अपने घरों में कीटाणुओं को मारने वाले इन लोगों में से 42 प्रतिशत अभी भी फिनाइल का उपयोग करते हैं, जबकि 40 प्रतिशत लोग डिटर्जेंट का उपयोग करते हैं। रिपोर्ट पर बोलते हुए, सुखलीन अनेजा, सीएमओ, मार्केटिंग डायरेक्टर, साउथ एशिया आरबी हाइजीन होम ने कहा कि भारत में लगभग 5,000 बच्चे प्रतिदिन टाइफाइड, डायरिया और फ्लू से प्रभावित होते हैं। इन संक्रमणों को पैदा करने के लिए जिम्मेदार कीटाणु घर के फर्श और किचन प्लेटफॉर्म पर पाए जा सकते हैं। यह पता चलना चिंताजनक है कि भले ही भारतीय कीटाणुओं की मौजूदगी के बारे में जागरूक हैं, लेकिन फिर भी 60 प्रतिशत से अधिक लोग इस समस्या से निपटने के लिए कीटाणु नाशक का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। घर में न केवल आपके बाथरूम या किचन में बल्कि सभी प्रकार के फर्श पर अदृश्य बीमारी पैदा करने वाले कीटाणु होते हैं। दुनिया का नंबर वन कीटाणु सुरक्षा ब्रांड लाइजॉल का लक्ष्य भारतीयों के बीच कीटाणुओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें ऐसे समाधान का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है, जो वास्तव में कीटाणुओं को मारता है और इसे उनके आवश्यक सफाई व्यवस्था का एक हिस्सा बनाना है।

 

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