जयपुर में इंटरनेशनल टेक्सटाइल एवं अपैरल फेयर ‘वस्त्र‘ का हुआ शुभारम्भ

गत 3 वर्षों में एफडीआई के तीन गुना होने के साथ अत्यंत तेजी से बढ़ रहा है कपड़ा उद्योग -केंद्रीय कपड़ा मंत्री
जयपुर, 21 सितम्बर। देश में गत तीन वर्षों के दौरान फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) के तीन गुना बढ़ने के साथ कपड़ा उद्योग अत्यंत तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2016-17 में एफडीआई ने 618.95 मिलियन यूएस डॉलर का आंकड़ा छू लिया है। हालांकि इस क्षेत्र में अभी भी और अधिक विकास की प्रबल संभावनाएं है, जिसके लिए केंद्र व विभिन्न राज्यों द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। यह कहना था केंद्रीय कपड़ा तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री, श्रीमती श्रीमती स्मृती जुबिन ईरानी का। वे आज जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आरम्भ हुए चार दिवसीय इंटरनेशनल टेक्सटाइल एवं अपैरल फेयर ‘वस्त्र‘ के छठे संस्करण के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप पर सम्बोधित कर रही थीं।‘वस्त्र‘ का आयोजन राजस्थान स्टेड इंडस्टि्रयल डवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (रीको) और फैडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।  यह फेयर को राजस्थान सरकार का भी सहयोग प्राप्त है। वर्ष 2012 में अपनी शुरूआत से ‘वस्त्र‘ ने टेक्सटाइल व अपैरल इंडस्ट्री में विशेष स्थान बनाया है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि टेक्सटाइल उद्योग सर्वाधिक रोजगार प्रदान करना वाला दूसरा क्षेत्र है, जिसमें 45 मिलियन भारतीयों को प्रत्यक्ष एवं 20 मिलियन भारतीयों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया‘ के विजन के तहत इस क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन देने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा इस उद्योग को बढ़ावा दिए जाने के तहत कौशल विकास और इन्सेन्टिव्ज दिए जा रहे हैं। ‘मुद्रा योजना‘ के तहत प्रदान की गई वित्तीय सहायता से बुनकरों की आय में 50 से 60 प्रतिशत की वृद्धि होने के प्रमाणित दस्तावेज है। श्रीमती ईरानी ने राजस्थान को गारमेंट हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘वस्त्र‘ में पहली बार आयोजित किए जा रहे जयपुर डिजाइनर्स फेस्टिवल के माध्यम से युवा पीढ़ी को फैशन और डिजाइनिंग की दुनिया का एक्सपोजर प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने ‘वस्त्र‘ के दौरान आयोजित ‘साड़ी ड्रेपिंग वर्कशॉप‘ की भी सराहना करते हुए कहा कि इस  वर्कशॉप के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय महिलाओं के एथनिक वस्त्रों को पुनः देखने का अवसर मिलेगा।इस अवसर पर राजस्थान के उद्योग मंत्री, श्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान देश में एक प्रमुख टेक्सटाइल डेस्टिनेशन है। राजस्थान के वस्त्र उद्योग में स्पिनिंग से गारमेंट्स तथा मेड अप्स तक सम्पूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू एडिशन चेन की मौजूदगी है। राजस्थान के वस्त्र उद्योग में फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज की उपलब्धता महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करती है। उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान शायद देश का एकमात्र ऎसा राज्य है, जो इस सम्पूर्ण उद्योग के लाभ के लिए ट्रेड फेयर्स का आयोजन करता है। उन्होंने कहा कि पॉलिस्टर विस्कोस यार्न एवं सिंथेटिक शूटिंग मैटेरियल के उत्पादन में राजस्थान का अग्रणीय स्थान है।केंद्रीय कपड़ा मंत्री तथा मंच पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा फेयर डायरेक्टरी का विमोचन भी किया गया। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, श्री अशोक जैन ने कहा कि वस्त्र उद्योग का अपना महत्व है। इस क्षेत्र में जहां वैल्यू एडिशन एवं रोजगार सृजन काफी अधिक है, वहीं तुलनात्मक रूप से कम पूंजी की आवश्यकता होती है। इस क्षेत्र में पानी की खपत कम होने से राजस्थान में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा दिया जाना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि वस्त्र उद्योग महिलाओं के सशक्तिकरण का लाभ उठाने का एक उपयोगी माध्यम भी है, क्योंकि इस क्षेत्र में महिला वर्कफोर्स की संख्या काफी अधिक होती है। राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग और रीको के चेयरमेन, श्री राजीव स्वरुप ने ‘वस्त्र-2017‘ के तीन प्रमुख उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम टेक्सटाइल व फैशन इंस्टीट्यूट्स के विद्यार्थियों के साथ-साथ फैशन डिजाइनरों व एग्जीबिटर्स को फैशन और डिजाइन इंडस्ट्री के लीडर्स के साथ इंटरेक्शन करने का अवसर प्रदान करेगा। ‘वस्त्र‘ ना केवल टेक्सटाइल्स के नवीन ट्रेंड्स तलाशने का मंच प्रदान करेगा, बल्कि इसमें शामिल होने वाले अनेक अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से सीखने का अवसर भी प्रदान करेगा। यह फेयर मैन्यूफैक्चरिंग इकाईयों की स्थापना के लिए राजस्थान को एक आकर्षक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में भी प्रस्तुत करेगा।इससे पूर्व, रीको की प्रबंध निदेशक, श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया और ‘वस्त्र 2017‘ की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष ‘वस्त्र‘ में 13 राज्यों के 250 से अधिक एग्जीबिटर्स, 50 से अधिक देशों के लगभग 300 फॉरेन बायर्स और करीब 100 भारतीय बाइंग हाउसेज के 200 से अधिक प्रतिनिधि व एजेंट्स भी शामिल हुए हैं। गत कुछ वषोर्ं में ‘वस्त्र‘ ने भारत के सम्पूर्ण टेक्सटाइल एवं अपैरल इंडस्ट्री के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।फिक्की की टेक्सटाइल्स कमेटी के चेयरमेन, श्री शिशिर जयपुरिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान महत्वपूर्ण टेक्स्टाइल डेस्टिनेशन है और मैन्यूफैक्चरिंग के सोसिर्ंग हब होने के अतिरिक्त यह गारमेंट हब के रूप में भी उभर रहा है।

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