पेपरवीडियो ने भारत का पहला डिजिटल क्लास रूम लॉन्च किया

नई दिल्ली। सप्लीमेंटरी लर्निंग के लिए भारत के पहले डिजिटल क्लाटसरूम पेपरवीडियो ने 8वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए अपने गणित के पाठयक्रम को लॉन्च किया है। इस तरह, यह डिजिटल तकनीक की व्याभपक पहुंच की मदद से कक्षा में पढ़ाई के बुनियादी मूल सिद्धांतों को ऑनलाइन लेकर आया है। पेपरवीडियो का यह डिजिटल क्लासरूम सभी छात्रों के लिए मुफ्त होगा। इस क्लासरूम में सीबीएसई, आईसीएसई, एचएससी, एसएससी और सभी राज्य शिक्षा बोर्डों की परीक्षाओं के सिलेबस के अनुसार एक व्याापक एवं संपूर्ण मैथ्स प्रोग्राम पेश किया जाएगा। पेपरवीडियो के संस्थापक चिराग आर्य ने कहा, देश में तेजी से सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए शिक्षा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मेट्रो शहरों के अलावा देश के अन्य शहरों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा का न मिलना उनके आगे बढऩे के रास्ते में लगातार रुकावट बना हुआ है। हम पेपरवीडियो के माध्यम से इस अंतर को भरना चाहते हैं। हम उन छात्रों को शैक्षिक संसाधन मुहैया करा रहे हैं, जिन्हें वाकई इसकी जरूरत है।रिसर्च से पता चलता है कि ग्लोबल इंडेक्स पर शिक्षा के मामले में भारत की लगातार गिरती रैंकिंग का कारण अच्छे टीचरों का न होना और सिलेबस की अच्छी तरह से तैयारी न होना है। 2018 के लिए शिक्षा की सालाना स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार भारत में आठवीं क्लास के 61 फीसदी छात्रों को गणित के सवालों को हल करने के लिए काफी जूझना पड़ता है। शोधकर्ताओं ने एक बहुत ही चौंकाने वाला खुलासा यह किया कि आठवीं क्लास में केवल 26.6 फीसदी छात्र ही संख्याओं को अच्छी तरह घटाना जानते हैं। जबकि संख्याओं को आपस में घटाना गणित का मूलभूत सिद्धांत है, जो छात्रों को आना ही चाहिए। पेपरवीडियो ने छात्रों के नजरिये से डिजिटल क्लासरूम दोबारा बनाने के लिए टेक्नोलॉजी, कंटेंट और डिजाइन का संयोजन किया है। पांरपरिक कक्षाओं की ही तरह पेपरवीडियो के प्रोग्राम का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा ‘लाइव अध्यापक-प्रवर्तित क्लासेज हैं। पेपरवीडियो क्लासेज में मैथ्स के सिलेबस को दो साल के गहन शोध, विचार-विमर्श और वर्कशॉप के बाद अंतिम रूप दिया गया है। इससे छात्र अपने कोर्स में आने वाले गणित के सभी चौप्टर्स में दिए गए सवालों का कॉन्सेप्ट आसानी से समझ सकते हैं और उनकी काफी बेहतरीन तैयारी होती है। कंपनी का उद्देश्य भारत में हरेक छात्र को संपूर्ण एजुकेशनल प्रोग्राम प्रदान करने के लिए इनोवेशन और तकनीक का इस्तेमाल करना है। इस दिशा में और आगे बढ़ते हुए कंपनी ने अपने प्रोग्राम में स्कूली व्यवस्था में 12वीं क्लास में पढ़ाए जाने वाले अन्य विषयों को शामिल करने की योजना बनाई है। इसके अलावा आईआईटी, जेईई, कैट और जीआरई की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने तथा डिजिटल मार्केटिंग और मशीन लर्निंग जैसे स्किल एवं प्रोफेशनल डेवलपमेंट कोर्सेस मुहैया कराने की भी योजना है।

 

 

 

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