शांति किसी भी मूल्य पर खरीदी नहीं जा सकती

 

माउंट आबू 4 सितम्बर (एजेन्सी)। अवेकनिंग विद् ब्रह्माकुमारीज फेम बीके शिवानी बहन ने कहा कि मानव स्वयं में एक शक्ति का पुंज है अपनी अंतरनिहित शक्तियों की पहचान संजीवनी बूटी जैसी औषधियों का कार्य करती है। स्वयं की वैचारिक शक्ति में ही शक्तिशाली औषधियां छिपी हुुई है जिसमें तन-मन की बीमारियों को स्वयं ही उपचारित करने की क्षमता विद्यमान है। वास्तविक अर्थों में स्वयं को जान लेना सभी प्रकार की भौतिक व्याधियों को अलविदा कहना है। शांति किसी भी मूल्य पर खरीदी नहीं जा सकती है उसके लिए त्याग, तपस्या की जरूरत है और यही गुण मनुष्य को महान बनाते हैं। जहां त्याग-तपस्या की परिभाषा समझ में आ गई, वहां सुख, समृद्वि, स्वास्थ्य , आनंद व प्रसन्न्ता स्वत: मनुष्य की परछाई का कार्य करने लगते हैं। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में चिकित्सा प्रभाग द्वारा आयोजित माइंड, बॉडी, मेडिसन सम्मेलन के खुले सत्र को संबोधित कर रहीं थीं।वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बीके शीलू बहन ने कहा कि शरीर के दर्द को मेडिसन से समाप्त किया जा सकता है लेकिन मन के दर्द से मुक्ति पाने को मेडिटेशन ही एकमात्र मेडिसन है। मनुष्य ने विज्ञान के माध्यम से भौतिक विकास की बुलन्दियों के शिखर पर पहुंचने में कामयाबी तो अर्जित कर ली है लेकिन मन की स्थाई शांति से कोसों दूर होता जा रहा है। प्रसिद्व केंसर विशेषज्ञ, चिकित्सा प्रभाग अध्यक्ष डॉ. अशोक मेहता ने कहा कि तनावजन्य महौल में मानव की बदलती जीवनशैली से उत्पन्न हो रही व्याधियां चिकित्सकों के लिए चुनौती का विषय बन गई हैं। मनुष्यों को पाश्चात्य संस्कृति से परहेज करना चाहिए। दिनचर्या को यदि भारतीय संस्कृति के अनुरुप व्यवस्थित कर लिया जाए तो कई प्रकार की असाध्य बीमारियां हमें छू भी नहीं सकती।चिकित्सा सेवा प्रभाग उपाध्यक्ष, ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा ने कहा कि जिस प्रकार घोर अंधकार को मिटाने में एक छोटी-सी ज्योति पर्याप्त है उसी प्रकार मन की बीमारियों के अंधकार को मिटाने के लिए आत्मज्योति को आलोकित करने की जरूरत है।प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश पटेल ने मन की सुषुप्त शक्ति को जागृत करने के लिए मेडिटेशन की तकनीक को जीवन में नियमित रूप से लागू करने पर बल दिया। ऑन्कोलॉजिस्ट रेडिएशन सलाहकार डॉ. प्रेम मंसद ने मन को सदैव ऊर्जावान बनाए रखन व स्वास्थ्य रूपी धन की सारसंभाल के सूत्र बताए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *