बीते वित्त वर्ष में पर्सनल लोन व क्रेडिट कार्ड में भारी इजाफा

मुंबई। बीते वित्त वर्ष के दौरान देश में पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लोन और क्रेडिट कार्ड की मांग जोरों पर रही। इसके चलते बैंकों के रिटेल लोन 25 फीसद बढ़ गए।इस दौरान कर्जदारों की संख्या भी 32 फीसद बढ़ गई। आम लोगों की साख का आंकलन करके क्रेडिट स्कोर देने वाले सिबिल की रिपोर्ट के अनुसार 90 या इससे भी ज्यादा दिनों तक कर्ज न चुकाने वाले प्रमुख रिटेल कर्जों के डिफॉल्टरों की संख्या में कमी आई है या पहले के समान रही है।ट्रांस यूनियन सिबिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी तरह के कंज्यूमर लोन, क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन में अच्छी वृद्धि दर रही है।आलोच्य अवधि में एक्टिव कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन की संख्या 83 फीसद बढ़कर 1.95 करोड़ हो गई। सक्रिय कर्जदारों की संख्या भी 69 फीसद बढ़कर 1.39 करोड़ हो गई।रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल एक खास पहलू नजर आया है। इस दौरान छोटी रकम के कर्जों की संख्या तेजी से बढ़ी। इस वजह से प्रति उपभोक्ता कर्ज की रकम 5.7 फीसद घटकर 10,382 रुपये रह गई।क्रेडिट कार्ड के सक्रिय खातों की संख्या 28 फीसद बढ़कर 3.26 करोड़ हो गई जबकि कुल बकाया कर्ज राशि 43 फीसद बढ़कर 75,100 करोड़ रुपये हो गई। पिछले दो साल के दौरान खासकर नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद से क्रेडिट कार्डों की संख्या 50 फीसद बढ़ गई। क्रेडिट कार्ड रखने वाले उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ी है। उपभोक्ताओं द्वारा क्रेडिट कार्डों का इस्तेमाल भी बढ़ा है। इससे प्रति ग्राहक बकाया लोन 12 फीसद बढ़कर 35,495 रुपये हो गया।

 

 

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