अपराध और आतंकवाद की घिनौनी गाथा पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने की प्रेस वार्ता

श्रीगंगानगर, 27 जनवरी (नि.स.)। श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाक सीमा पर स्थित हिन्दुमलकोट थाना क्षेत्र के गांव कोठा पक्की के नजदीक एक ढाणी में शुक्रवार शाम को पंजाब पुलिस द्वारा एनकाउंटर पर मार गिराये गये कुख्यात अपराधी हरजिन्द्र सिंह उर्फ विक्की गोंडर तथा प्रेम उर्फ प्रेम लाहौरिया की अपराध और आतंकवाद की घिनौनी गाथा रही है। इनके साथ मारे गये तीसरे युवक की अभी पहचान नहीं हुई है, लेकिन उसके भी खतरनाक अपराधी होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है। विक्की गोंडर और पंजाब के ही एक अन्य दुर्दांत अपराधी सुक्खा काहलो मेें आपसी गैंगवार लम्बे समय तक पंजाब पुलिस ही नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए चुनौतिपूर्ण रही। विक्की गोंडर बेहद दुसाहसी अपराधी था, जिसने पंजाब पुलिस की हाइसिक्योरिटी के बावजूद सुक्खा काहलो को मौत के घाट उतार दिया था। तब विक्की गोंडर ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जिसमें उसने डांस भी किया। इस वीडियो को उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर अपलोड भी कर दिया। विक्की गोंडर और प्रेम लाहौरिया अपने फेसबुक पर लगातार इस तरह की अपने द्वारा अंजाम दी हुई वारदातों को बढ़ा-चढ़ाकर अपडेट करते थे। इसी सोशल मीडिया से वे पंजाब पुलिस को ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों को चेतावनियां देकर आतंक फैलाते रहते थे। इन दोनों के खात्मे के साथ पंजाब पुलिस ही नहीं, बल्कि राजस्थान, हरियाणा व अन्य राज्यों की पुलिस ने भी चैन की सांस ली है, क्योंकि विक्की गोंडर का गैंग टारगेट किलिंग करने के लिए बेहद कुख्यात था। पंजाब के पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने शनिवार अपराह्न चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि 35 पुलिसकर्मियों की पांच टीमों ने सावधानीपूर्वक, अत्यधिक तकनीकी और खुफिया आधारित ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इसके साथ ही वांछित गैंगस्टर और नाभा जेल-ब्रेक मास्टरमाइंड विक्की गोंडर का खेल खत्म हुआ। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में गोंडर के सहयोगी प्रेम लाहौरिया और एक अज्ञात युवक भी मारा गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हाई प्रोफ़ाइल टारगेट किलिंग के मामलों को तोडऩे में सफलता प्राप्त की है। मीडियाकर्मियों को ब्रीफिंग करते हुए डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने मुख्यमंत्री कै. अमरिंदर सिंह को पुलिस की सफलता की सराहना के लिए धन्यवाद दिया। पंजाब में सक्रिय अन्य गिरोहों और गैंगस्टरों पर लगातार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने खुलासा किया कि पंजाब में 17 ए श्रेणी और 21 बी श्रेणी के संगठित आपराधिक गिरोहों को जनवरी 2017 तक चिह्नित किया गया था, जो कि लगातार सक्रिय थे। हालांकि कुछ गिरोहों को गिरफ्तार भी किया गया है। ऑर्गेनाइज क्राइम यूनिट (ओसीसीयू) अब बी श्रेणी के 8 गैंगस्टरों और ए श्रेणी के 9 गिरोहों पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं। हिन्दुमलकोट क्षेत्र में कल शाम किये गये एनकाउंटर के लिए डीजीपी सुरेश अरोड़ा, डीजीपी (इंटेलिजेंस) दिनकर गुप्ता, आईजी (ओसीसीयू) नीलाभ किशोर के साथ टीमों का समन्वय कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक वांछित ए श्रेणी के गैंगस्टर हरजिंदर सिंह उर्फ विकी गोंडर का खुफिया जानकारी के माध्यम से एक वर्ष से अधिक समय बाद पता चला था। अरोड़ा ने बताया कि घटनास्थल से 32 बोर के दो पिस्तौल और 0.30 बोर की पिस्तौल काफी मात्रा में कारतूस, मोबाइल फोन और डोंगल के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से संचार के लिए इस्तेमाल किए गए उपकरण गैंगस्टरों के कब्जे से बरामद किए गए हैं। लखवीर सिंह लक्खा की ढाणी से फर्जी नंबर प्लेट के साथ एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि विक्की गोंडर पर पंजाब और राजस्थान पुलिस ने मिलकर 7 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। सोशल मीडिया को आतंकवाद बनाने, आपराधिक गिरोहों और पुलिस अधिकारियों को धमकियां देने के लिए गोंडर का गिरोह सेाशल मीडिया को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। यह गिरोह कई फेसबुक अकाउंट्स का उपयोग कर रहा था, जो खाड़ी देशों, साइप्रस और जर्मनी सहित विभिन्न देशों से संचालित होता था। श्री दिनकर ने खुलासा करते हुए बताया कि सबसे अधिक फेसबुक अकाउंट में 1 लाख से ‘यादा फॉलोवर्स थे। सामूहिक तौर पर गौंडर के चार-पांच लाख फेसबुक फॉलोवर्स थे। सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए झूठे प्रचार भी किया जाता था, जिसमें गोंडर जैसे ऑनलाइन गैंगर्स फैल रहे थे।
घोषित अपराधी, हत्या, गैंगवार, जेल ब्रेक़, जबरन वसूली, नशीली दवाओं की तस्करी, हथियार की तस्करी आदि 10 मामलों में लिप्त विक्की गोंडर के आतंकवादी, कट्टरपंथी तत्वों के साथ संभावित संबंधों के साथ-साथ उसके पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी उसके सम्बंध होने की जांच हो रही थी। हाल ही में, वह अपने करीबी सहयोगी और हेन्डलर, रमनजीत सिंह उर्फ रोमी (हांगकांग) के माध्यम से पाकिस्तान से एक स्वचालित राइफल हासिल की थी। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। विक्की गोंडर ने अपनी एक फोटो फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर यह भ्रमित प्रचार किया था कि वह विदेश भाग गया है। पुलिस ने बताया कि रोमी की संदिग्ध भूमिका 2016 व 2017 में लुधियाना और जालंधर हुई टारगेट किलिंग में रही है, जिसकी अभी तक जांच चल रही है। पंजाब पुलिस के इन अधिकारियों ने बताया कि 21 जनवरी, 2015 को पुलिस हिरासत में सुखा काहलो को मारने के बाद विक्की गोंडर ने एक वीडियो बनाया और एस्कॉर्ट पार्टी में पुलिसकर्मी को बेशर्मी से बताया कि ‘मैं विक्की गोंडर हूं और मैंने सुखा काहलो को मार डाला है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद उसे दिसंबर 2015 में तरन तारन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे हाई सिक्योरिटी वाली नाभा जेल में उसे भेज दिया गया था, जहां से विक्की, प्रेम लाहौरिया और चार अन्य खतरनाक अपराधी नवम्बर 2016 में फरार हो गये थे। फरार हुए इन छह जनों में से चार पकड़े जा चुके हैं। गोंडर और प्रेम लाहौरिया ही बाकी बचे थे, जो कल शाम के एनकाउंटर में मारे गये। प्रेम सिंह उर्फ प्रेमा लाहौरिया, ए श्रेणी का गैंगस्टर था। उस पर दो लाख का ईनाम था। वह एक आदतन अपराधी था, जो हत्या, गैंगवार, जेल ब्रेक, जबरन वसूली, नशीली दवाओं की तस्करी, हथियार तस्करी आदि के 10 मामलों में वांछित था। डीजीपी ने बताया कि दिनकर गुप्ता के मार्गदर्शन में खुफिया विभाग के संगठित अपराध नियंत्रण इकाई (ओसीसीयू) ने क्षेत्रीय संरचनाओं से इन दोनों गुंडों की गतिविधियों के बारे में जानकारी एकत्रित की। पिछले हफ्ते, ओसीसीयू को जानकारी मिली कि इन दो बदमाशों को फजिल्का, फिरोजपुर और तरनतारन के सीमावर्ती जिलों में देखा गया था। विगत 24 जनवरी को ओसीसीयू ने सीमावर्ती पांच जिलों के लिए अलर्ट जारी किया था कि अपराधिक गिरोह कोई वारदात कर सकते हैं। इन जिलों में गैंगस्टरों की संभावित आवाजाही को देखते हुए वहां अतिरिक्त बल भेजे गए थे। एआईजी गुरमीत सिंह चौहान और इंस्पेक्टर विक्रम बराड़ की कमान के तहत ओसीसीयू की एक टीम जिला फाजिलका, पुलिस स्टेशन सरवर खुइयां के क्षेत्र में इन बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

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