प्रदेश में अब तक 7600 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किया-राठौड़

प्रदेश को मार्च तक खुले में शौच से मुक्त करना प्राथमिकता
जयपुर, 1 नवम्बर (कासं.)। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि प्रदेश को मार्च, 2018 तक स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच से मुक्त करना पहली प्राथमिकता है। इसलिए अधिकारियों को चाहिये कि इसी मंशा के अनुरूप खुले में शौच से शेष ग्राम पंचायतों में शौचालय का निर्माण कराने में गति लाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 9 हजार 850 ग्राम पंचायतों में अब तक 7600 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। राठौड़ बुधवार को शासन सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन योजना में पिछड़े 13 जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस में रू-ब-रू होकर प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए प्राप्त लक्ष्योंं को शत प्रतिशत प्राप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जो ग्राम पंचायत खुले में शौच से मुक्त हो चुकी है उनको अभियान चलाकर भौतिक सत्यापन शीघ्र करायें तथा ओ.डी.एफ. हो चुकी ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री स्वच्छ योजना के तहत महात्मा गांधी नरेगा योजना में मस्टर रोल जारी कर सफाईकर्मी लगाने के निर्देश दिये। पंचायती राज मंत्री ने सी.ई.ओ. को निर्देश दिये कि स्वच्छ भारत मिशन के व्यापक जन जागरूकता लाने के लिए आई.ई.सी. गतिविधियों के लिए सभी जिले अपनी अपनी कार्य योजना तैयार कर प्रदेश स्तर पर भिजवायें। उन्होंने सोलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट की कार्य योजना तैयार करने को कहा।राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वच्छ योजना के तहत ओडीएफ हुई ग्राम पंचायतों में जनसंख्या के आधार पर महात्मा गांधी नरेगा योजना में 7 से 20 लाख रुपये सफाई व्यवस्था के लिए व्यय किये जाये जिसके प्रस्ताव ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार किये जा रहे हैं। राठौड़ ने समस्त विकास अधिकारियों को निर्देश दिये अपने क्षेत्र के समस्त सरपंचों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री स्वच्छ योजना की विस्तार से जानकारी देवें जिससे योजना का क्रियान्वयन धरातल पर हो सके। उन्होंने सी.ई.ओ. को शौचालय निर्माण के लाभार्थियों को किये जाने वाले भुगतान में देरी होने पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए निर्देश दिये। लाभार्थियों को किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिये। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुदर्शन सेठी, पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त नवीन महाजन, स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक मती आरूषि मलिक ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए पूरी गंभीरता एवं तत्परता से काम करें तथा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें।जो विकास अधिकारी या अन्य कर्मी लापरवाही करें उनके खिलाफ कार्यवाही करें।

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