गुजरात चुनाव पर राहुल गांधी ने फीडबैक लिया

श्रीगंगानगर, 20 जनवरी (नि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही सम्पन्न हुए गुजरात के चुनाव में प्रचार-प्रसार के लिए पर्यवेक्षक के रूप में भेजे गये राजस्थान के नेताओं के साथ लगभग दो घंटे की बैठक कर पूरा फीडबैक लिया। यह बैठक नई दिल्ली में राहुल गांधी ने 15 रकाबगंज स्थित अपने कार्यालय के वार रूम में की। इस बैठक में राजस्थान से लगभग पौने 2 सौ नेता और गुजरात में पर्यवेक्षक के तौर पर भेजे गये पदाधिकारियों व कार्यकर्ता शामिल हुए। श्रीगंगानगर जिले से इस बैठक में पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर, पूर्व सांसद शंकर पन्नू, पूर्व विधायक सोहन नायक, महेन्द्र सिंह बराड़, राजकुमार गौड़, ‘योति कांडा शामिल हुए। वरिष्ठ नेता पृथीपाल सिंह संधू जयपुर में अपनी फ्लाइट लेट हो जाने के कारण नई दिगी नहीं पहुंच सके। जगदीश जांदू भी इस बैठक के लिए आमंत्रित थे, लेकिन वे पारिवारिक व्यस्तता के कारण नहीं जा पाये। हनुमानगढ़ जिले से सोहन ढील व जयदीप डूडी सहित कईं नेताओं ने इस बैठक में शिरकत की। हासिल जानकारी के अनुसार सायं करीब 4 बजे वार रूम में यह सभी नेता पहुंचे। चाय-नाश्ते के बाद करीब 5 बजे राहुल गांधी वार रूम में आये, जिसके बाद बैठक आरम्भ हुई। गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भरतलाल सोलंकी और चुनाव के लिये प्रभारी लगाये गये राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक की शुरूआत करते हुए, गुजरात चुनाव में प्रचार-प्रसार के लिए गये सभी पर्यवेक्षकों का आभार व्यक्त किया। सोलंकी और गहलोत ने इन पर्यवेक्षकों की तारीफ की कि उन्होंने पूरी निष्ठा से दिनरात मेहनत की। पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव जीतू पटवारी तथा वर्षा ताई भी हाजिर थे। यह दोनों गुजरात कांग्रेस के प्रभारी भी हैं। जानकारी के अनुसार इस बैठक से पहले ही प्रदेशाध्यक्ष भरतलाल सोलंकी ने राजस्थान से गुजरात में प्रचार करने के लिए गये नेताओं की सूची बना ली थी। इस सूची में से श्री सोलंकी ने रेंडमली नाम लेकर गुजरात चुनाव के नतीजों पर फीडबैक देने के लिए पर्यवेक्षकों को बुलाया। इस दौरान राहुल गांधी ने भी बीच-बीच में सीधे पर्यवेक्षकों से सवाल-जवाब किये। जानकारी के अनुसार गुजरात के सूरत, जोकि व्यापार का सबसे बड़ा केन्द्र है, वहंा कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन पर राहुल गांधी का मुख्यत: फोकस रहा। इस बाबत वहां लगाये गये पर्यवेक्षकों ने फीडबैक दिया कि सूरत के व्यापारियों, जिनमें से ज्यादातर कपड़ा व्यवसायी हैं, पर गुजरात सरकार का भारी दबाव था। इसके चलते वे न तो खुलकर कांग्रेस के साथ आ सके और न ही वोट दे पाये। इसी तरह गुजरात में रह रहे राजस्थानी व्यापारियों तथा अन्य लोगों पर भी वहां की सरकार, भाजपा, आरएसएस तथा कईं अन्य हिन्दुवादी संगठनों ने दबाव बनाया हुआ था। फीडबैक में बताया गया कि कांग्रेस के पर्यवेक्षक, पदाधिकारी व कार्यकर्ता चुनाव प्रचार के दौरान जब राजस्थान के लोगों के यहां जाते थे, तो वे पूरा आदर-सत्कार करते थे। हर प्रकार से सहयोग करने को भी तत्पर दिखाई देते थे, लेकिन उनका यही कहना होता था कि उन्होंने यहां रहकर व्यापार करना है, इसलिए सत्तारूढ़ दल को नाराज नहीं कर सकते। करीब दो घंटे की इस बैठक में जिन पर्यवेक्षकों के नाम बोले गये, उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र की संक्षिप्त रिपोर्ट बिना किसी लाभ-लपेट के पेश की। उन्होंने जहां चुनाव प्रचार में, उम्मीदवार में या उम्मीदवार के साथ लगे पदाधिकारियों का ब्यौरा पेश किया कि कहां कमी रही और कहां पार्टी के लिए सकारात्मक बात भी रही। उनके द्वारा बताई गई कमियों और सुझावों को बाकायदा नोट किया गया। श्रीगंगानगर ही नहीं, बल्कि सम्भाग के चारों जिलों से इस बैठक में शिरकत कर रहे किसी भी कांग्रेसजन को फीडबैक देने का मौका नहीं मिल पाया। राहुल गांधी ने भी सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे न केवल राजस्थान में हो रहे उपचुनाव में अपनी पूरी सक्रियता दिखाते हुए उम्मीदवारों के पक्ष में जुट जायें।बल्कि निकट भविष्य में मणीपुर, मेघालय और त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी इसी तरह पर्यवेक्षक के रूप में प्रचार-प्रसार करने जाने के लिए तैयार रहें। इस बैठक मेें राहुल गांधी, अशेाक गहलोत ने बड़ी सहृदयता से आये हुए सभी कांग्रेसजनों के साथ अलग-अलग ग्रुपों में तस्वीरें खिंचवाईं। यह फोटो सैशन भी काफी देर तक चला।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *