राजस्थान के विकास में रेलवे की अहम भागीदारी

श्रीगंगानगर, 11 जनवरी (निसं.)। उत्तर पश्चिम रेलवे पर माल-लदान को बढाने के साथ-साथ औद्योगिक इकाईयों तथा माल व्यापारियों के हितों के लिये कार्य किये जा रहे है, जिससे उन्हें अपने सामान का परिवहन करने में सुगमता हो। भारतीय रेलवे पर विगत समय में लदान परिवहन में होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखकर नीतियों की समीक्षा की गई और नई नीतियों का समावेश किया गया। इसी के अन्तर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे ने दिसम्बर माह तक गत वर्ष के लदान से 26.03 प्रतिशत अधिक लदान किया जो कि सम्पूर्ण भारतीय रेलवे पर सर्वाधिक वृद्धि दर है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में मुख्यत: फर्टिलाइजर, सीमेन्ट, लाइम स्टोन, किंलकर तथा कन्टेनर का माल-लदान होता है। औद्योगिक इकाईयों द्वारा अपने उत्पादों का देश के अन्य भागों तक पंहुचाने के लिये परिवहन हेतु रेलवे का उपयोग किया जाता है। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा इस वित्तीय वर्ष में दिसम्बर माह तक कुल 15.4 मिलियन टन माल लदान किया गया, जोकि गत वर्ष की इसी अवधि के 12.23 मिलियन टन की तुलना में 26.03 प्रतिशत अधिक है। यह लदान रेलवे बोर्ड द्वारा दिये गये 13.75 मिलियन टन के लक्ष्य से 12.1 प्रतिशत अधिक है। उत्तर पश्चिम रेलवे में दिसम्बर माह तक मुख्यत: जिन वस्तुओं का लदान प्रमुखता से किया जाता है उसमें किंलकर गत वर्ष से 44.54 प्रतिशत, फर्टिलाइजर 63.02 प्रतिशत, कन्टेनर 50.68 प्रतिशत तथा अन्य वस्तुओं का लदान 68.18 प्रतिशत अधिक रहा । राजस्थान में सीमेन्ट ईकाइयों के बहुत से प्लांट स्थित है तथा सीमेन्ट औद्योगिक इकाईयों द्वारा सीमेंट उत्पादन के लिये किंलकर का उपयोग किया जाता है और रेलवे द्वारा किंलकर के लदान व सीमेंट को देश के अन्य भागों तक पंहुचाने के लिये परिवहन हेतु रेलवे का उपयोग किया जाता है। उत्तर पश्चिम रेलवे की मदद से राजस्थान में स्थित सींमेट प्लांट ने उत्तर भारत व पश्चिम भारत में अपने व्यापार को बढाया है और देश के विकास में रेलवे ने अहम योगदान प्रदान किया हैं। राजस्थान में हस्तशिल्प और औद्योगिक उत्पादों के आयात-निर्यात में परिवहन हेतु कंटेनर का उपयोग किया जाता है और इन उद्योगों का विकास भी इनके उत्पादों का देश-विदेश में पहुंचने के फलस्वरूप हुआ है। इन उद्योगों के माध्यम से अनेक लोगो को रोजगार प्राप्त हुआ है, और प्रदेश विकास की ओर अग्रसर हुआ है। उल्लेखनीय है कि उत्तर पश्चिम रेलवे ने माल लदान में यह उपलब्धि रेलवे पर विभिन्न प्रतिकूल रेल कार्य किये जाने के उपरान्त प्राप्त की है। वर्तमान में रेलवे पर सुरक्षा सम्बंधी कार्य किये जा रहे है, जिसमें ट्रैक रिन्यूल, एलएचएस, आरयूबी निर्माण के कार्य विभिन्न रेलखण्डों पर किये जा रहे है। इसके साथ-साथ अभी कोहरे के मौसम में भी रेल संचालन पर प्रभाव पडा है। रेलवे द्वारा औद्योगिक इकाईयों तथा माल ग्राहकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होने से माल-लदान में तो इजाफा हुआ ही है साथ ही औद्योगिक इकाईयों तथा माल ग्राहकों ने भी रेलवे के प्रयासों का लाभ उठाकर अपने व्यापार को स्थापित करने तथा बढाने का कार्य किया है। रेलवे के माध्यम से माल परिवहन करने पर सामान सही समय पर गतव्य पहुंचता है साथ ही ग्राहक अपने सामान को ऑनलाइन ट्रेस भी कर सकता है। रेलवे भी अपने ग्राहकों को व्यापार बढाने में भी मदद कर रहा है साथ ही रेलवे के प्रयासों से रेलवे की माल लदान में हिस्सेदारी सडक मार्ग की अपेक्षा बढेगी।उत्तर पश्चिम रेलवे अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले क्षेत्रा और इण्डस्ट्रीज को विकास और उन्नति का प्लेटफार्म प्रदान करने के लिये सदैव ही प्रतिबद्ध है।

 

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