रेलवे की पैसेंजर ग्रोथ गिरी, हवाई यात्रियों की संख्या में तेज बढ़ोतरी

नई दिल्ली। पिछले पांच वर्षों में इंडियन रेलवे ने एयरलाइंस के हाथों अपने यात्री गंवाए हैं। 2017-18 के इकनॉमिक सर्वे से यह जानकारी मिली है। इसमें बताया गया है कि 2016-17 तक के पांच वित्त वर्ष में रेलवे की औसत पैसेंजर ग्रोथ सालाना 0.26 पर्सेंट घटी है। इस दौरान डोमेस्टिक एयर पैसेंजर्स की संख्या में सालाना 10 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है। एविएशन इंडस्ट्री की रेगुलेटरी बॉडी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से ये आंकड़े मिले हैं। इसका एक बड़ा कारण रेलवे और एयरलाइंस के बीच किरायों के अंतर में हो रही कमी है। मिसाल के तौर पर, मुंबई-दिल्ली का एसी-3 टियर का टिकट 2,500 रुपये का है। इसमें यात्रा पूरी करने में 17 घंटे का वक्त लगता है। ट्रैवल पोर्टल मेकमायट्रिप के मुताबिक, अगर इसी रूट पर यात्रा की तारीख से एक महीने पहले फ्लाइट बुक कराई जाए तो उतना ही पैसा खर्च होगा। अधिक से अधिक युवा यात्रियों को हासिल करने के लिए डोमेस्टिक एयरलाइंस ने अवेलेबल सीट किलोमीटर्स (एएसके) को बढ़ा दिया है। इससे एयरलाइंस की पैसेंजर लाने-ले जाने की क्षमता का पता चलता है। एयरलाइंस ने अपने एएसके को 2011-12 से 2016-17 के बीच सालाना 8 पर्सेंट ग्रोथ के साथ 11.694 करोड़ पर पहुंचा दिया। इससे मार्केट शेयर के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का औसत टिकट प्राइस 2011-12 और 2016-17 के बीच 1 पर्सेंट घटकर 3,721 रुपये रह गया।दूसरी ओर रेलवे ने पैसेंजर रेवेन्यू ग्रोथ के लिए किराये बढ़ाए। 2011-12 और 2016-17 के बीच रेलवे की पैसेंजर रेवेन्यू ग्रोथ में सालाना 10 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। इसमें एवरेज रेट प्रति किलोमीटर में 8 पर्सेंट की सीएजीआर ग्रोथ हुई है और डिस्टेंस ट्रैवल्ड में केवल 2 पर्सेंट का इजाफा हुआ। 2016-17 में रेलवे के लिए एवरेज रियलाइजेशन 40.30 पैसे प्रति किलोमीटर रही। इस दौरान औसतन हर पैसेंजर ने 141.67 किमी की यात्रा की। इंडियन रेलवे के 14 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने एसी कोच में यात्रा की। इस मोर्चे पर रेलवे को डोमेस्टिक एयरलाइंस से कड़ी टक्कर मिल रही है। फॉरेन ब्रोकरेज हाउस क्रेडिट सुइस की रिसर्च में कहा गया है कि एसी सेगमेंट के रेल किराये 2010-11 से 2016-17 के बीच 60 पर्सेंट से ज्यादा बढ़े हैं, जबकि इसी दौरान हवाई किराये फ्लैट रहे हैं। एयर ट्रैवलर्स की संख्या में बढ़ोतरी जारी रहेगी। इंडियन रेलवे ने 2016-17 में हर दिन 2.224 करोड़ लोगों को यात्रा कराई, जबकि घरेलू एयरलाइंस ने कुल मिलाकर 2.8 लाख लोगों को रोजाना ट्रैवल कराया।2012-13 में रेलवे का ट्रैवलर्स का आंकड़ा 842 करोड़ के साथ सबसे ऊंचे लेवल पर था। इसके बाद से लगातार इस आंकड़े में गिरावट आ रही है।

 

 

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