दौड़ती बस में चीखते-पुकारते जिंदा मां-बेटी कंकाल में तब्दील

बाडमेर, 12 नवम्बर (एजेन्सी)। राजस्थान मेें एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक चलती स्लीपर बस में एक जिंदा मा-बेटी काल का ग्रास बन गई। यह भयानक मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने हर किसी के होश उडा दिए। जयपुर से बाडमेर जा रही इस स्लीपर बस मेें अचानक आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बालोतरा के पास बस मेें आग लगने से धुंआ भर गया और दोनों मां-बेटी इसमें बेहोश हो गई। बेहोशी के चलते दोनों बस से नहीं उतर सकी। पुलिस के मुताबिक बाडमेर डिपो की यह स्लीपर बस जयपुर से बाडमेर ही जा रही थी। बस में 15 यात्री बैठे हुए थे। जैसे ही बस बालोतरा-बागुंडी हाइवे पर खेड के पास पहुंची तो बस में अचानक आग लग गई। आग की वजह से पूरी बस में धुआं भर गया। खास बात ये है कि आग लगने का पता बस ड्राइवर को नहीं लग पाया। इसके चलते धीरे-धीरे बस में धुंआ फैलता गया। जैसे ही यात्रियों को इसका पता चला तो वह चिल्लाने लगे। इस पर ड्राइवर ने बस रोकी। चीखने चिल्लाने की आवाज और अफरा-तफरी के बीच सभी यात्री बस उतरकर भागने लगे। हालांकि ड्राइवर ने बाकि यात्रियों को सुरक्षित निकालते हुए जान बचाई। मगर एक मां-बेटी धुंए के चलते बस में बेहोश हो गए और वह बस से नहीं उतर पाए।

जब तक मां-बेटी को पता चलता उससे पहले ही बस मेें डिजल टैंक फट गया और आग ने पूरी बस को अपनी आगोस में ले लिया। देखते ही देखते इस आग में दोनों मां-बेटी जिंदा जल गए। बाद में यहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की गाडियां मौके पर आई। लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता उससे पहले ही बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। बाद में बस में दोनों मां-बेटी का कंकाल मिला। पुलिस के मुताबिक हादसा का शिकार मृतक रेखा पत्नी अजीत सिंह और कविया पुत्री अजीत सिंह हुई। दोनो मां-बेटी रावतखेडा, नागौर की रहने वाली थीं। हालांकि गनीमत ये रही कि बस में सवार बाकि सवारियां समय रहते हुए उतर गई, नहीं तो उनकी भी जान जा सकती थी। बहरहाल, पुलिस पूरे मामले को लेकर जांच प?ताल में जुट गई है।

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