राजकीय विद्यालयों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था प्रारंभ होगी-देवनानी

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद ‘रमसा की विशेष समीक्षा बैठक
शैक्षणिक गुणवत्ता वृद्धि के लिए उठाए गए कदमों का होगा सतत मूल्यांकन
जयपुर, 30 अक्टूबर (कासं.)। शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों की सर्टिफिकेशन की व्यवस्था प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत विद्यालयों का शिक्षण गुणवता के आधार पर प्रमाणीकरण किया जाएगा। स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा के तहत इससे राज्य के सरकारी विद्यालयों के स्तर में निरंतर वृद्धि होगी। देवनानी सोमवार को शिक्षा संकुल स्थित सभाकक्ष में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद की विशेष समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नेे राजकीय विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न कदम उठाए है। इन प्रयासों के तहत विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता वृद्धि के लिए उठाए गए कदमों का सतत मूल्यांकन भी किया जायेगा। उन्होंने इसके लिए शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों को बेहतरीन से बेहतरीन बनाए जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने के लिए भी निर्देश दिए। शिक्षा राज्यमत्री ने राज्य में स्थापित आदर्श विद्यालयों की भी समीक्षा की तथा कहा कि उन्हे आदर्श रूप में विकसित करने के साथ ही वहां बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए भी निरंतर कार्य किया जाए। उन्होंने शारदे छात्रावासों में सुविधाओं का समुचित विकास किए जाने के साथ ही बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी समय-समय पर वहां गतिविधियां क्रियान्वित किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि राज्य 179 शारदा छात्राओं में इस समय 13 हजार 387 बालिकाए नामांकित है। इन्हे विभिन्न स्तरों पर सशक्त किये जाने के साथ ही बालिकाओं की सृजनात्मक क्षमता वृद्धि हेतु भी प्रयास किए जा रहे है।
देवनानी नेे बैठक में स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के तहत विद्यार्थियों के शिक्षण स्तर में वृद्धि के लिए किए प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि मॉडल स्कूलों का सीबीएसी बोर्ड परीक्षा परिणाम औसत 98 प्रतिशत से अधिक रहा है। उन्होंने मॉडल स्कूल शाहपुरा द्वारा राष्ट्रीय स्तर की स्वतंत्र तैराकी प्रतियोगिता में ताम्र पदक प्राप्त कर देशभर में तीसरे स्थान पर रहने की उपलब्धि को भी सराहा। उन्होंने विवेकानंद मॉडल स्कूलों में बालिकाओं को प्रदान किये जाने वाली राजकीय सुविधाओं का प्रत्येक स्कूल में फल्ैक्स लगाकार अधिकाधिक प्रचार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की मंशा के अनुरूप राज्य में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी प्रयास हो तथा इस संबंध में चलायी जा रही योजनाओं को भी व्यापक जन तक सतत पहुंचाया जाए।शिक्षामंत्री ने शाला दर्पण पोर्टल को निरंतर अपडेट किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 46 लाख बच्चों का संपूर्ण विवरण शाला दर्पण में सम्मिलित किए जाने के साथ ही शिक्षकों का भी समग्र विवरण पोर्टल पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शाला दर्पण के राजस्थान मॉडल की देशभर में सराहना हुई है। शाला दर्पण को वास्तविक रूप में विद्यालयों का आईना इस तरह से बनाया जाए कि तमाम सूचनाओ के साथ यह विद्यार्थियों के उपयोगी दस्तावेजों की प्राप्ति का भी सुगम पोर्टल बन सके।उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री जन सहभागिता विद्यालय विकास योजना के तहत हुए कार्यों के बारे में भी जानकारी ली तथा कहा कि योजना के तहत जहां कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं वहां त्वरित करवाए जाएं तथा कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ स्तरीय करवाएं जाएं। नवीन एवं जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण के अंतर्गत जिलों मे हुए कार्यो, विद्यालय विद्युतिकरण आदि की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रयास यह किया जाए कि शत-प्रतिशत विद्यालयों में बिजली की सुविधा उपलब्ध हो। देवनानी ने माध्यमिक स्तर के बालक-बालिकाओं में कौशल विकास की क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें व्यावसायिक शिक्षा प्रदान किए जाने की भी जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि आरंभ में पायलेट रूप में 70 विद्यालयों में यह व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ की गई थी। वर्ष 2015-16 में 220 विद्यालयों में तथा 2016-17 में 380 विद्यालयो ंमें इसे लागू किया गया है। योजना के तहत राज्य स्तर पर 20 वोकेशानल ट्रेनर प्रोवाइडर का चयन किया गया है। शिक्षा राज्य मंत्री ने आईसीटी के तहत कम्प्यूटर साक्षरता की ‘क्लिक योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इसका प्रभावी क्रियान्वयन सभी स्तरो पर किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन 660 विद्यायों में अधिकृत ई-ज्ञान केन्द्रों के साथ इस संबंध में एमओयू हुआ है, वहां पर विशेष ध्यान रखते हुए बच्चों केा कम्प्यूटर शिक्षण से लाभान्वित किया जाए। इस संबंध में किसी भी स्तर पर ढि़लाई या कोताही नहीं हो। बैठक में शिक्षा विभाग के शासन सचिव नरेशपाल गंगवार तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद् की आयुक्त आनन्दी ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और अब तक रही उपलब्धियॉ के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

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