राजस्थानी हस्तशिल्प रंग संयोजन और गुणवत्ता में बेजोड़

जयपुर, 5 सितम्बर (कासं)। अंतरराष्ट्रीय ख्यातनाम फैशन डिजाइनर बीबी रशेल ने कहा है कि राजस्थान का हस्तशिल्प अपने रंगसंयोजन, गुणवत्ता और परंपरागत वेजिटेबल रंगों के उपयोग के कारण बेजोड़ है। बीबी रशेल ने आज प्रमुख सचिव एमएसएमई डॉ. सुबोध अग्रवाल और आयुक्त उद्योग कुंजी लाल मीणा के साथ यहां चौमू हाउस स्थित चौमू कोठी में आरएसडीसी के हैण्डलूम हाट का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा खादी और हथकरघा के सरंक्षण और संवद्र्धन के लिए राजस्थान सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि परंपरागत हथकरघा उत्पादक बुनकरों को संरक्षण और विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब प्रत्येक माह एक दिवसीय हैण्डलूम हाट का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले हैण्डलूम हाट में प्रदेश केे जाने माने व जरुरतमंद बुनकरों, दस्तकारों, ब्लॉक प्रिन्टरों, बंधेज बुनकरों व कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए नि:शुल्क स्थान उपलब्ध कराया गया है। उद्योग आयुक्त कुंजीलाल मीणा ने बताया कि प्रदेश में हथकरघा उत्पादों को लोकप्रिय बनाने, हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित कर बाजार उपलब्ध कराने और जयपुरवासियों तक हथकरघा उत्पादों की सहज पहुंच बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरएसडीसी की एमडी दुर्गा जोशी ने बताया कि हाट में हथकरघा बुनकरों को नि:शुल्क स्थान उपलब्ध कराया गया वहीं 25 प्रतिशन की विशेष छूट दी गई। प्रात: 11 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित इस हाट में कोटा डोरिया, जरी, प्रिन्टेड साडिय़ां, लहरिया, मोठड़ी साडियां, सिल्क, चंदेरी, महेश्वरी, ब्लाक प्रिन्टेड साडिय़ां, कोटा डोरिया, जरी व प्रिन्टेड दुपट्टे, रिब रंगीन, बेडकवर्स, बेडशीट्स, दोहर, खेस, दरियों के साथ ही लेडीज एवं जेन्टस के हथकरघा गारमेंट्स, पाली की जूतियां भी प्रदर्शित और बिक्री की गई। हैण्डलूम हाट में खासतौर से महिलाओं ने ड्रेस मेटेरियल को पसंद किया और अच्छा रेस्पांस देखने को मिला। इस अवसर पर सचिव खादी बोर्ड अल्पा चौधरी, बुनकर सेवा केन्द्र की नीरु यादव, पद्म पुरस्कार प्राप्त रामकिशोर डेरावाला, अतिरिक्त निदेशक डी सी गुप्ता, एलसी जैन व संस्थाओं के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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