गौड़ ने दमखम दिखाया, चुनाव लडऩे की घोषणा

 

श्रीगंगानगर, 18 नवम्बर (का.सं.)। कांग्रेस द्वारा तीन महीने पहले पार्टी में आये अशोक चाण्डक को टिकट दिये जाने से खफा हुए राजकुमार गौड़ ने रविवार को अपने जनबल का दमखम दिखाते हुए निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा कर दी। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुखाडिय़ा सर्किल के समीप सेठ गोपीराम गोयल की बगीची में राजकुमार गौड़ ने जनाक्रोश सभा का आयोजन किया, जिसमें उनके हजारों समर्थक उपस्थित हुए। समर्थकों के जोश और उत्साह के बीच राजकुमार गौड़ ने बहुत ही भावुक वक्तव्य देते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस पार्टी छोडऩे में बड़ी तकलीफ हो रही है। पिछले 48 वर्षां से कांग्रेस से जुड़े हुए राजकुमार गौड़ पार्टी में अनेक पदों पर रहे हैं। नगर विकास न्यास के अध्यक्ष रह चुके गौड़ ने 2008 में पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें लगभग 37 हजार वोट मिले थे। गोपीराम गोयल की बगीची में उपस्थित अपने लगभग 10 हजार से अधिक समर्थकों-कार्यकर्ताओं की जोशीली भावनाओं को देखते हुए राजकुमार गौड़ ने कहा कि उनके लिए यही उनका परिवार है। आज वे अपने परिवार के बीच सगर्व खड़े हैं। उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं है कि आज वे कांग्रेस को छोडऩे जा रहे हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके समर्थक-कार्यकर्ता जी-जान से पहले की तरह आज भी उनका साथ देंगे। गौड़ ने भी भरोसा दिलाया कि जिस तरह वे कांग्रेस में रहकर 48 वर्षां से अपने इस इलाके की सेवा करते आये हैं, कांग्रेस में न रहकर भी उनके लिए सदैव हाजिर रहेंगे। अपने अत्यंत भावुक उद्बोधन में राजकुमार गौड़ की आंखे कई बार नम हुईं। उन्होंने पिछले करीब 15 वर्षांे के दौरान बार-बार खुद के अस्वस्थ होने तथा एक के बाद एक गम्भीर बीमारियों से जूझते व ऑप्रेशन करवाकर भी सामाजिक-राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने की बात जनता में रखी। गौड़ ने कहा कि उन्हें किडनी कैंसर हो गया था। ऑप्रेशन कर उनकी एक किडनी निकाल दी गई। डॉक्टरों ने कहा कि वे अब ‘यादा भागदौड़ न करें, लेकिन वे जनता में सक्रिय रहे। फिर उनके हार्ट में प्रॉबलम होने लगी। उनके पेसमेकर लगाना पड़ा। अभी कुछ समय पहले उनके हार्ट का वॉल्व बदला गया है। अपने शरीर पर हुए इनके ऑप्रेशनों के जख्म दिखाते हुए राजकुमार गौड़ ने कहा कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य की परवाह नहीं की। इलाके के विकास और लोगों के दु:ख-दर्द दूर करने में कभी भी पीछे नहीं हटे। सबसे ‘यादा तकलीफ उन्हें अब हो रही है कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें व उन जैसे अनेक वर्षांे से पार्टी के लिए काम कर रहे नेताओं-कार्यकर्ताओं की दावेदारी को नजरअंदाज कर एक ऐसे शख्स को टिकट दे दी, जो तीन महीने पहले पार्टी में आया है। यह कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं को कदापि स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि पार्टी की प्राथमिक सदस्य से इस्तीफा दे दिया है। सभी समर्थकों व कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते और उनसे सलाह-मशवरा करने के बाद चुनाव लडऩे का फैसला किया है। कल सोमवार को वे नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इसके साथ ही वहां राजकुमार गौड़ जिन्दाबाद के नारे लगने लगे। सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं तथा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से आये लोग मौजूद थे। शहर के कई पार्षद व पूर्व पार्षद, डायरेक्टर, पंच-सरपंच भी उपस्थित रहे।

 

 

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