रामगंज तनाव मामला : तनाव बरकरार, मृतक के परिजन अड़े, मांग पूरी होने तक नही लेंगे शव

 

 

जयपुर, 9 सितम्बर (एजेंसी)। रामंगज थाना इलाके में हुई एक युवक की मौत के बाद अब शनिवार को बवाल मच गया है। गंगापोल में रहने वाले मृतक के परिजनों ने आदिल का शव लेने से इंकार कर दिया है। दरअसल, पूरी घटना के बाद पुलिस प्रशासन, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक मोहनलाल गुप्ता, महापौर अशोक लाहोटी, पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल समेत तमाम आलाधिकारियों ने शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने और घटना में मारे गए युवक आदिल के परिजनों ने सरकार से एक करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी देने समेत चार मांगें की हैं। मांगें नहीं माने जाने तक परिजनों ने आदिल का शव लेने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानेगी तक शव नहीं लेंगे और ना ही पोस्टमार्टम होने देंगे। हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। साथ ही शांति समिति के सदस्यों ने पुलिस कमिश्नर से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। हालांकि इस बैठक के जरिए पुलिस प्रशासन ने लोगों से इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल इस पूरी घटना में पांच एफआईआर दर्ज हुई है।

एसटीएफ नहीं आती तो जयपुर में बिगड़ सकते थे हालात
पुलिस अगर थोड़ी सी भी समझदारी से काम लेती तो रामगंज की यह हालत नहीं होती। शहर का रामगंज, गलतागेट, रामगंज थाना और सुभाषचौक सबसे संवेदनशील है। शुक्रवार रात को वाहनों में आगजनी करने के बाद कई लोगों की गा?ियों को नुकसान हुआ था। लोगों ने जैसे ही अपनी जली हुई गा?ियां देखी तो बाहर निकल आए। रामगंज के अलग अलग इलाकों में दोनों संप्रदायों के लोगों का हुजूम जुटने लगा था। इस बीच भीड़ ने कवरेज कर रहे फोटो जर्नलिस्टों के भी कैमरे तोड़ दिए थे। यह देख कर एक समुदाय के लोगों में गुस्सा पनपे लगा। लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस बीच मौके पर मौजूद आईबी के सूत्रों ने अफसरों को हालात की जानकारी दी तो एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) को मौके पर भेज दिया गया। एसटीएफ की टीमें पूरे इलाके में सक्रिय हो गई। उन्होंने लोगों को खदेडऩा शुरू कर दिया। इससे नारेबाजी बंद हो गई लोग अपने घरों में चले गए। अंदर अभी भी गुस्सा लोगों में है।
हालात शांत तो हो गए हैं लेकिन तनावपूर्ण है।

लोग तरस रहे हैं जरूरी सामग्री के लिए, नहीं मिल रहा दूध
कफ्र्यूग्रस्त शहर में लोग जरूरी सामान के लिए तरस रहे है। अचानक सब कुछ बंद होने से लोगों को सवेरे की चाय भी नसीब नहीं हुई है। इलाके में सारे स्कूल बंद कर दिए गए थे। सवेरे लोग उठे तो उन्हें पहले तो पता ही नहीं चला कि क्या हुआ बाद में जब परिवार के सदस्यों और आसपडौसियों ने बताया तो रात की घटना के बारे में जानकारी हुई। इस समय हालात यह है कि बच्चों को दूध तक नहीं मिला है। घर पर मरीजों को दवाईयां तक नहीं मिल पा रही है। ऐसे हालात में लोगों ने शहर से बाहर रह रहे अपने रिश्तेदारों को यह सारी तकलीफें बताई तो लोग उनकी मदद के लिए पहुंचे पर पुलिस ने कफ्र्यूग्रस्त इलाकों में जाने से मना कर दिया। उनका कहना था कि किसी तरह छोटे बच्चों को दूध, ब्रेड दवाईयां भेजने की इजाजत दी जाए लेकिन पुलिस अफसर उन्हें भीतरी इलाकों में जाने नहीं दे रही है। जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि लोगों की तकलीफों की उन्हें जानकारी है। मेडिकल से संबंधित इमरजैंसी सेवा के लिए लोग 108 को कॉल कर सकते है। अन्य सेवाओं को सुचारू करने के लिए थोड़ा समय लगेगा। हालात सामान्य होते ही कफ्र्यू में ढील दी जाएगी।

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