राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में हुए कई महत्त्वपूर्ण निर्णय

‘ग्राम का अगला आयोजन उदयपुर में 7 से 9 नवम्बर तक
जयपुर, 4 अक्टूबर (का.स.)। वसुन्धरा राजे की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में ग्राम के उदयपुर में आयोजन, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर बने मकानों के पट्टे देने के लिए अभियान चलाने, ईसीजी टेक्निशियन एवं बॉयलर अटेंडेंट के पद सृजित करने सहित मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के दूसरे चरण की समीक्षा एवं तीसरे चरण की कार्ययोजना के सम्बन्ध में जरूरी निर्णय लिए गए।
संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने मंत्रिमण्डल की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी मीडिया को देते हुए बताया कि मंत्रिमण्डल ने जयपुर एवं कोटा के बाद तीसरे ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) का आयोजन उदयपुर में 7 से 9 नवम्बर, 2017 तक करने को मंजूरी प्रदान की। उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित होने जा रहे इस ग्राम में लगभग तीस हजार किसान स्मार्ट फार्मिंग कन्सेप्ट, चौपाल एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से कृषि नवाचारों से रूबरू होंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राज्य मंत्रिमण्डल ने राजस्थान भूराजस्व अधिनियम-1956 की धारा 92 के तहत सिवायचक भूमि को सेट अपार्ट करके ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर बने आवासों के पट्टे जारी करने के लिए अभियान चलाने का अनुमोदन किया। इसके अंतर्गत 1 जनवरी, 2017 से पहले मकान बनाकर निवास कर रहे रहवासियों का सम्बन्धित ग्राम सेवक एवं पटवारी द्वारा संयुक्त सर्वे किया जाएगा। राजस्व विभाग तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अभियान चलाकर पात्र व्यक्तियों को पट्टे वितरित करेंगे।
एमजेएसए-3 मरूस्थलीय क्षेत्रों में 9 दिसम्बर तथा गैर मरूस्थलीय क्षेत्रों में 20 जनवरी से
राठौड़ ने बताया कि मंत्रिमण्डल की बैठक में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तीसरे चरण की कार्य योजना पर विचार-विमर्श कर मरूस्थलीय क्षेत्रों में 9 दिसम्बर, 2017 से तथा गैर मरूस्थलीय क्षेत्रों में 20 जनवरी, 2018 से अभियान का शुभारंभ करने का निर्णय लिया गया। एमजेएसए तृतीय की डीपीआर का ग्राम सभाओं में अनुमोदन मरूस्थलीय क्षेत्रों में 13 नवम्बर तक एवं गैर मरूस्थलीय क्षेत्रों में 2 जनवरी तक होगा तथा सभी कार्य 30 जून, 2018 तक पूर्ण करवा लिए जाएंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि एमजेएसए के दूसरे चरण में 96.55 प्रतिशत कार्य पूरे किए गए। इस चरण में कुल 1,32,548 कार्यों में से 1,27,975 कार्य पूरे किए गए तथा 60 लाख से अधिक पौधे भी लगाए गए। उन्होंने बताया कि एमजेएसए के तृतीय चरण में प्रत्येक पंचायत समिति के कम से कम पांच गांव सम्मिलित किए जाएंगे।
राजस्थान काश्तकारी (सरकारी) नियम 1955 में संशोधन का निर्णय
राठौड़ ने बताया कि मंत्रिमण्डल की बैठक में राजस्थान काश्तकारी (सरकारी) नियम 1955 के नियम 7 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। इस नियम के अनुसार वर्तमान में चारागाह भूमि को कृषि एवं अकृषि प्रयोजन के लिए ग्राम पंचायत के परामर्श से सेट अपार्ट करते समय उतनी ही भूमि चारागाह के रूप में उसी ग्राम पंचायत के अन्य ग्राम में आरक्षित किए जाने का प्रावधान है। नियम में संशोधन के बाद ग्राम पंचायत में भूमि उपलब्ध नहीं होने पर सम्बन्धित ग्राम की तहसील में तथा तहसील में भी भूमि नहीं मिलने पर जिले में कहीं भी सेट अपार्ट करके चारागाह के लिए भूमि आरक्षित की जा सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए भूमि की अनुपलब्धता की समस्या दूर हो सकेगी।
गंगानगर में नए मिनी सचिवालय परिसर के लिए मंजूरी
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में निर्णय लिया गया कि राजस्थान राज्य गंगानगर शुगर मिल्स लि. के गंगानगर शहर में स्थित पुराने परिसर की भूमि पर प्रस्तावित मिनी सचिवालय में जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, जिला कोषालय एवं जिला परिषद सहित कुल 37 कार्यालय स्थानान्तरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त न्यायालय भवनों एवं अधिवक्ता कक्षों के लिए भी इस परिसर में स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए करीब 173 करोड़ रुपये की लागत से मिनी सचिवालय सहित इन भवनों का निर्माण कराया जाएगा। राठौड़ ने बताया कि नए परिसरों के निर्माण के लिए गंगानगर स्थित जिला कलेक्ट्रेट परिसर, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित अन्य सभी उपरोक्त कार्यालयों के वर्तमान परिसरों की भूमि के निष्पादन से करीब 158 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।
ईसीजी टेक्निशियन एवं बॉयलर अटेंडेंट के पद सृजित
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि जिला एवं रैफरल अस्पतालों में ईसीजी टेक्नीशियन उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 की अनुसूची गु्रप ए-6 पैरामेडिकल कैडर (मेडिकल) में ईसीजी टेक्नीशियन का नया पद सृजित करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस पद के लिए गणित अथवा जीव विज्ञान विषयों के साथ सीनियर सैकण्डरी या समकक्ष तथा ईसीजी टेक्नीशियन का दो वर्षीय मान्यता प्राप्त डिप्लोमा अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता होगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान पशुपालन विभाग अधीनस्थ सेवा नियम-1977 में संशोधन कर बॉयलर अटेण्डेन्ट का पद सृजित करने का अनुमोदन भी बैठक में किया गया।
मंत्रालयिक संवर्ग के नए पदनाम, पदोन्नति के लिए अनुभव में शिथिलता
राठौड़ ने बताया कि विभिन्न कर्मचारी संघों की मांगों को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयिक संवर्गों के लिए राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम-1999 में सम्मिलित पद नामों का पदनाम परिवर्तन एवं पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव को कम करने को मंजूरी दी गई। लिपिक ग्रेड-द्वितीय का पदनाम बदलकर कनिष्ठ सहायक, लिपिक ग्रेड-प्रथम का वरिष्ठ सहायक, सहायक कार्यालय अधीक्षक का सहायक प्रशासनिक अधिकारी तथा कार्यालय अधीक्षक कम सहायक प्रशासनिक अधिकारी का पदनाम बदलकर अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी किया गया है।
संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति के लिए सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर निर्धारित चार वर्ष के अनुभव को कम करके दो वर्ष, प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद पर निर्धारित पांच वर्ष के अनुभव को कम करके तीन वर्ष किया गया है। संस्थापन अधिकारी के पद पर पदोन्नति के लिए प्रशासनिक अधिकारी के पद पर निर्धारित पांच वर्ष के कार्यानुभव के स्थान पर मंत्रालयिक संवर्ग के सभी पदों पर कुल 25 वर्ष का कार्यानुभव निर्धारित किया गया है। राठौड़ ने बताया कि पिछली सरकार के अंतिम 6 माह में राज्य के नगरीय क्षेत्रों में सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं तथा छात्रावासों को रियायती दरों पर दिए गए भू-आवंटन के 35 प्रकरणों को नियमित किए जाने का निर्णय मंत्रिमण्डल की बैठक में लिया गया। इनमें राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा ऐसी संस्थाओं के लिए आवंटित भूमि के 9 प्रकरणों को भी नियमित किए जाने का मंजूरी दी गई।
विधानसभा के आगामी सत्र में पेश होंगे छ विधेयक
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिमण्डल के समक्ष विधानसभा के आगामी सत्र में आने वाले 6 विधेयकों का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। आगामी सत्र में राजस्थान स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट रेस्पॉन्सिबिलिटी बिल-2017, राजस्थान लैण्ड रेवेन्यू अमेंडमेंट एंड वेलिडेशन (रिपील) बिल-2017, राजस्थान रिलीफ अंडरटेकिंग्स (स्पेशल प्रोविजंस) (अमेंडमेंट) बिल-2017, राजस्थान लेजिस्लेटिव असेम्बली मेम्बर्स (प्रीवेंशन ऑफ डिसक्वालिफिकेशन) बिल-2017, कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (राजस्थान अमेंडमेंट) बिल-2017 तथा क्रिमिनल लॉज (राजस्थान अमेंडमेंट) बिल-2017 प्रस्तुत किए जाएंगे।

 

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