ई-कॉमर्स कंपनियों को निगलने की तैयारी में रिलायंस

रिलायंस अब ऑनलाइन टु ऑफलाइन बिजनस में उतरने की योजना बना रहा है। इससे पीटीएम मॉल का नया-नया बिजनस खतरे में पड़ सकता है।

नई दिल्ली। पेटीएम मॉल जब शुरू हुआ था तो इसने अपने निवेशक अलीबाबा की मदद से एक ऐसा डिजिटल वर्ल्ड बनाने का सपना देखा जिसमें सब कुछ आसानी से मिल जाए। शुरू में इसने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कैशबैक देना शुरू किया। वरिष्ठ विशेषज्ञ पावेल नाइया के मुताबिक यह एक सीमित समय की रणनीति थी जिससे कि लोगों को विश्वास हासिल किया जा सके और बड़ी संख्या में ग्राहक जोड़े जा सकें। उनका कहना है कि जैसे-जैसे कैशबैक खत्म हुआ वैसे ही ग्राहक भी कम हो गए। इसके बाद पेटीएम मॉल ने ई कॉमर्स में ज्यादा खर्च करने से बेहतर (ऑनलाइन टु ऑफलाइन) की रणनीति अपनाई। इससे छोटे विक्रेताओं को जोडऩे का काम किया। हालांकि इस क्षेत्र में रिलायंस भी प्रवेश करने जा रहा है जो पीटीएम के लिए चुनौती बन सकता है। मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव में मुकेश अंबानी ने कहा, ‘रिलायंस दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन टु ऑफलाइन कॉमर्स प्लैटफॉर्म बनाने की तैयारी कर रहा है।’ जानकारों का कहना है कि रिलायंस के पास पैसे की कमी नहीं है और इसलिए दूसरी कंपनियों के लिए रिलायंस को चुनौती देना मुश्किल होगा। मुकेश अंबानी देश के सबसे बड़े रिटेल प्लेयर भी बनना चाहते हैं और यह उसी तरह संभव है जैसे जियो ने सभी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया। रिलायंस की छूट की रणनीति हमेशा इसे दूसरों से अलग करती है। पेटीएम मॉल ने चीन की तर्ज पर ह्र2ह्र बिजनस की शुरुआत की लेकिन भारतीय बाजार अभी इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। इसलिए ऐसा बाजार विकसित करने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है। साइबरमीडिया रिसर्च के वाइस प्रेजिडेंट थॉमस जॉर्ज के मुताबिक पीटीएम रिलायंस का टारगेट हो सकता है यानि रिलायंस इसे खरीद भी सकता है। उन्होंने कहा कि रिलायंस ऐमजॉन और वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट को चुनौती दे सकता है तो पेटीएम मॉल का व्यवसाय फिर भी छोटा है।

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