रिलायंस जुटाएगी 18600 करोड़ रुपये का विदेशी कर्ज

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) ने विदेशी बाजारों से 2.7 अरब डॉलर (18,600 करोड़ रुपये से ज्यादा) का कर्ज जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी इसका उपयोग मौजूदा महंगे कर्ज के भुगतान के लिए करेगी। इस वर्ष मार्च के आखिर में कंपनी पर 2,18,763 करोड़ रुपये का कर्ज था। यह रकम जून के आखिर में बढ़कर 2,42,116 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। हालांकि कंपनी के पास मौजूद नकदी भी थोड़ा बढ़कर 79,492 करोड़ रुपये पर जा पहुंची।चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून, 2018) में आरआइएल ने 22,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च किया। इसमें से ज्यादातर रकम टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो में लगाई गई। उस तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 9,459 करोड़ रुपये रहा। आरआइएल की नकदी का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो को जा रहा है।आरआइएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी चालू वित्त वर्ष में विदेशी बाजारों से 2.7 अरब डॉलर कर्ज जुटाने की योजना बना रही है। यह रकम कई किश्तों में जुटाई जाएगी और इसका उपयोग मौजूदा कर्ज के भुगतान के लिए किया जाएगा।ॉगौरतलब है कि आरआइएल के करीब 34 अरब डॉलर कर्ज में से आधे से ज्यादा का भुगतान वर्ष 2022 तक होना है। वहीं, करीब 13 अरब डॉलर का कर्ज इस वर्ष से लेकर 2020 तक परिपक्व होना है। इनमें से ज्यादातर कर्ज विदेशी मुद्रा में हैं। अपनी सालाना रिपोर्ट में कंपनी ने कहा कि वह रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी करने की इजाजत पांच जुलाई को शेयरधारकों की हुई बैठक में ले चुकी है।इस बीच, कंपनी ने कहा है कि उत्पादन शुरू करने के ठीक एक दशक बाद कृष्णा गोदावरी बेसिन के डी-6 स्थित एमए ऑयल व गैस फील्ड से उत्पादन इस वर्ष सितंबर में बंद कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि कृष्णा गोदावरी बेसिन के 19 तेल व गैस कुओं में से एमए यानी डी-26 से सबसे पहले उत्पादन शुरू हुआ था।

 

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