एफआरएआई लघु एवं मध्यम खुदरा दुकानदारों की पाबंदियों पर चिंतित

नई दिल्ली, 17 जुलाई (एजेन्सी)। देशभर के 4 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम खुदरा दुकानदारों के प्रतिनिधि संगठन फेडरेशन ऑफ रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफआरएआइ) ने रोजाना इस्तेमाल वाली विभिन्न वस्तुएं जैसे ब्रेड, अंडा, जूस, सॉफ्ट ड्रिंक, वेफर्स आदि बेचने वाली दुकानों पर कारोबार सीमित करने या बेचे जाने वाले उत्पादों पर पाबंदी लगाने तथा दुकान के अंदर विज्ञापन नियंत्रित करने के कदम पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली में अपने सदस्य संगठनों के साथ प्रदर्शन किया। एफआरएआई के सदस्य संगठनों में उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के 34 रिटेल एसोसिएशंस शामिल हैं। एफआरएआई और इसके सदस्य संगठनों ने लाखों परिवारों की आजीविका को प्रभावित करने वाले इस कठोर सुझाव के खिलाफ राज्यों की राजधानियों में विरोध प्रदर्शन किया है। पिछले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में 2 लाख से ज्यादा खुदरा दुकानदारों ने इस अलोकतांत्रिक सुझाव के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस मुद्दे को समझाते हुए फेडरेशन ऑफ रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राम आसरे मिश्रा ने कहा कि तम्बाकू उत्पादों के साथ-साथ रोजाना इस्तेमाल वाली विभिन्न वस्तुएं जैसे ब्रेड, अंडा, जूस, सॉफ्ट ड्रिंक, वेफर्स आदि बेचने वाली दुकानों के कारोबार या वहां बेचे जाने वाले उत्पादों पर पाबंदीमुक्त व्यापार एवं वाणिज्य पर प्रतिबंध लगाने जैसा है और इससे केवल व्यापार करने की लागत बढ़ेगी और इंस्पेक्टरों द्वारा हफ्तावसूली के दौर की वापसी होगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत में अन्य उत्पादों के साथ-साथ तम्बाकू उत्पाद भी बेचने वाले खुदरा दुकानदार तम्बाकू उद्योग पर सख्त विनियमन के कारण पहले से बेहद वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं। साथ ही, बिक्री की जगह पर विज्ञापन पर नियंत्रण से वैध तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले और तस्करी कर लाए हुए या अवैध तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों के बीच फर्क ही नहीं रह जाएगा। संयुक्त रूप से इन कदमों से इन गरीब दुकानदारों के लिए व्यापार करने की लगात बढ़ जाएगी और इससे उनकी कमाई में कम से कम 40 प्रतिशत की कमी आएगी, जो हमारे सदस्यों के लिए बड़ा झटका होगा। फेडरेशन ऑफ रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव अभय राज ने कहा कि हम आज दिल्ली में अपनी मांगे केंद्र सरकार के समक्ष रखने और उनसे इस अलोकतांत्रिक सुझाव को वापस लेने की अपील करने एकत्र हुए। हम केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि खुदरा दुकानदारों को उत्पीडऩ से बचाने के लिए राज्यों को अधिसूचना जारी की जाए।

 

 

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