साइकल चलाएं कैंसर का खतरा होगा कम साइकल चलाएं, कैंसर का खतरा होगा कम

कीमती बाइक और लग्जरी कार हमेशा से स्टेट्स सिंबल रही हैं लेकिन अब हेल्थ कॉन्शस लोगों के बीच साइकल भी तेजी से स्टेटस सिंबल बनती जा रही है। बड़ी संख्या में लोग फिट और हेल्दी बॉडी के लिए साइकल चला रहे हैं। साइक्लिंग एक बेहतरीन एक्सर्साइज है जिसमें शरीर की सभी मांसपेशियां इन्वॉल्व होती हैं और बॉडी ऐक्टिव रहती है। लेकिन साइकल चलाने के इसके अलावा भी कई और फायदे हैं, जानें…
दिल की बीमारियां होंगी कम
साइकल चलाकर दिल की बीमारियों के साथ ही असमय मौत से भी बचा जा सकता है। शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि साइकल चलाने से दिल की बीमारियों का खतरा 46 फीसदी तक कम हो जाता है। वहीं पैदल चलने से दिल की बीमारियों का खतरा 27 फीसदी घट जाता है।
कम होता है कैंसर का खतरा
साइक्लिंग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में सहायक होती है। हाल में हुए शोध में यह बात सामने आई है जिसके मुताबिक, नियमित रूप से साइकिल चलाने से कैंसर का खतरा कम होता है। यह अध्ययन ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि ऑफिस तक साइकिल से जाना पैदल जाने से भी ज्यादा लाभकारी है। नियमित रूप से साइकिल चलने से कैंसर का खतरा 45 फीसदी तक कम होता है। शोध के दौरान 2 लाख 64 हजार 377 लोगों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया, जिनकी औसत आयु 53 वर्ष थी।
तेजी से बर्न होती है कैलरी
रिसर्च की मानें तो वजन कम करने के लिए आपको एक्सर्साइज के जरिए एक हफ्ते में कम से कम 2 हजार कैलरी बर्न करनी चाहिए और आपको जानकर हैरानी होगी कि स्थिर और नियमित रूप से साइकल चलाने से हर घंटे 300 कैलरी बर्न होती है। ऐसे में आप जितना ज्यादा साइकल चलाएंगे आपकी कैलरी उतनी ज्यादा बर्न होगी और शरीर से फैट कम होगा। लेकिन इसके लिए बेहद जरूरी है कि आप साइकल चलाने के साथ ही हेल्दी डायट भी लें।
बेली फैट होगा कम
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो साइकल चलाने से न सिर्फ आपका हार्ट रेट बढ़ता है बल्कि कैलरीज भी बर्न होती है। नियमित रूप से साइकल चलाने से शरीर के सभी हिस्सों से फैट कम होना शुरू हो जाएगा जिसमें बेली फैट भी शामिल है।
डेली रूटीन में करें शामिल
साइकलिंग की सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे बड़ी आसानी से अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं। अगर आपको सामान लेने बाजार जाना है या फिर ऑफिस जाना या स्कूल जाना… इसके लिए कार या बाइक की बजाए साइकल का इस्तेमाल करें। साइकलिंग एक लो-इम्पैक्ट एक्सर्साइज है जिसे हर उम्र के लोग इंजॉय कर सकते हैं।

 

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