क्रिकेट बनाम नशामुक्ति मैत्री मैच करवाकर पुलिस ने दिया ग्रामीणों को नशा छोडऩे का संदेश

 

श्रीगंगानगर, 17 मार्च (का.सं.)। पुलिस की ओर से श्री गंगानगर जिले को नशा मुक्त करने के लिए चलाए गए अभियान में जहां नशा बेचने व सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं नशा पीडि़त गांवों में पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। इसी कड़ी में पुलिस ने श्री गंगानगर के समीपवर्ती कालिया गांव को नशा मुक्त करने का बीड़ा उठाया है। जिसमें जागरुकता के लिए शिविर के साथ ही पुलिस व ग्रामीणों के बीच आज रविवार को क्रिकेट मैत्री मैच कराया गया। जिसमें ग्रामीणों ने बढ़चढकऱ हिस्सा लिया। मैच में ग्रामीणों की टीम विजेता बनी। पुलिस अधीक्षक हेमंत शर्मा ने बताया कि जिले में नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें जहां पुलिस की ओर से धरपकड़ की कार्रवाई चल रही है। वहीं पुलिस ने नशे के लिए बदनाम गांव कालिया को चुना है। यहां पुलिस कई शिविर लगा चुकी है। पुलिसकर्मियों को यहां नाइट स्टे कराया जा रहा है। गांव के आसपास गश्त बढ़ाई गई है। यहां सरपंच व गांव की महिलाओं के सहयोग से पुलिस घर-घर सर्वे करवा रही है, जिसमें किसी भी तरह का नशा करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। यहां पुलिस की ओर से हर सप्ताह शिविर लगाया जा रहा है। चिकित्सकों की ओर से भी यहां के लोगों को नशा छोडऩे के लिए प्रेरित कराया जा रहा है, जिससे नशा छोडऩे के बाद उनको कोई दिक्कत नहीं आए। इसी कड़ी में रविवार को पुलिस व ग्रामीण युवाओं के बीच क्रिकेट मैच कराया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, नशा मुक्त अभियान की नोडल अधिकारी प्रशिक्षु आईपीएस हितिका वासल, थाना प्रभारी राजेश सिहाग, जवाहरनगर थाना प्रभारी प्रशांत कौशिक सहित अन्य पुलिसकर्मी तथा गांव के सरपंच व अन्य लोग मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत सबसे पहले एक गांव को शामिल किया गया है। इस गांव को पूरी तरह नशा मुक्त करने के बाद दूसरे गांवों में नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाया जाएगा। इससे पहले पुलिस की ओर से श्रीकरणपुर के बडिंगा में भारी मात्रा में अफीम आदि बरामदगी व कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को काफी राहत मिली और गांव की महिलाओं की मांग पर वहां नशा मुक्ति शिविर लगाया। इस गांव में भी पुलिस लगातार नजर रखे हुए है। ग्रामीणों व लोगों का कहना है कि नशा मुक्ति के लिए पुलिस की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। शिविर लगाए जा रहे हैं। इस कार्य में यदि चिकित्सा विभाग, जिला प्रशासन, खेल विभाग सहित अन्य विभाग की मिलकर कार्य करें तो अभियान में सफलता बढ़ सकती है।

 

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