गर्भावस्था में दौडऩा खतरनाक नहीं – अध्ययन

गर्भवती स्त्रियों को आराम से चलने की सलाह दी जाती है। उन्हें झटके से उठने या बैठने से मना किया जाता है। मगर एक अध्ययन में दावा किया गया है कि गर्भावस्था में दौडऩे से गर्भस्थ शिशु पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए छह धावकों पर शोध किया। अपने तरह के इस पहले अध्ययन में कहा गया है कि गर्भधारण करने के बाद भी नियमित रूप से जॉगिंग या दौडऩे वाली महिलाओं के शिशुओं के समय पूर्व होने या कम वजन का होने की आशंका न के बराबर होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि भ्रूण की सेहत पर इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि उनकी मां कितनी जॉगिंग करती हैं। यह अध्ययन लंदन के किंग्स कॉलेज में किया गया है। प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर एंड्रू शेनन का कहना है कि महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सामान्य व्यायाम कर सकती हैं। सुरक्षित और पीड़ा रहित प्रसव के लिए बतौर विशेषज्ञ हमें गर्भावस्था में सामान्य व्यायाम करने के लिए उन्हें प्रेरित करना चाहिए। पूर्व में हुए अध्ययनों में कहा गया था कि पूरी ताकत से दौडऩे से भ्रूण के विकास पर असर पड़ता है। इसलिए ताजा शोध के लिए विशेषज्ञों ने छह गर्भवती पेशेवर धावकों पर अध्ययन किया। इस अध्ययन में कहा गया है कि गर्भावस्था में रोजाना 30 मिनट व्यायाम करना अच्छा होता है। इस अध्ययन के नतीजे बीएमजे ओपन स्पोर्ट एंड एक्सरसाइज मेडिसिन में प्रकाशित हुए हैं।

 

 

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