सलाहुद्दीन का बेटा सात दिन के लिए एनआईए की हिरासत में भेजा गया

नयी दिल्ली, 25 अक्टूबर (एजेंसी)। दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2011 के आतंकी वित्त पोषण के एक मामले के सिलसिले में, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन के पुत्र सैयद शाहिद यूसुफ को सात दिन के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया। यूसुफ पर अपने पिता से कथित तौर पर धन लेने का आरोप है। एनआईए ने यूसुफ को कल गिरफ्तार किया था। उसे जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम ए बम्बा के समक्ष पेश किया गया जिन्होंने यूसुफ को हिरासत में लेने की जांच एजेंसी की अपील स्वीकार कर ली। जम्मू कश्मीर सरकार के कृषि विभाग में काम करने वाले 42 वर्षीय शाहिद को एजेंसी के मुख्यालय में समन किया गया था। वहां पूछताछ के बाद कल उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एनआईए का आरोप है कि शाहिद यूसुफ को अमेरिका स्थित एक ‘अंतरराष्ट्रीय धन अंतरण कंपनी के जरिये एजाज अहमद भट से रकम प्राप्त हुई। एजाज इस मामले में एक अन्य आरोपी है और फरार है। बताया जाता है कि एजाज फिलहाल सऊदी अरब में रह रहा है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि यूसुफ ”भट के कई भारतीय संपर्कों में से एक है जो धन अंतरण कोड्स के जरिये रकम हासिल करने के लिये टेलीफोन पर उसके संपर्क में रहता था। एनआईए ने दावा किया कि इस तरह से अब तक यूसुफ आठ अंतरराष्ट्रीय धन अंतरण के जरिये करीब साढ़े चार लाख रूपये ले चुका है। एनआईए द्वारा अप्रैल 2011 में दर्ज किया गया मामला दिल्ली के रास्ते हवाला के जरिये पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर में रकम के स्थानांतरण से जुड़ा है। एजेंसी का दावा है कि इस रकम का उपयोग आतंकी वित्त पोषण और अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिये किया गया।अब तक एनआईए इस मामले में छह व्यक्तियों के खिलाफ दो आरोप पत्र दायर कर चुकी है। इनमें पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के निकट सहयोगी जी एम भट, मोहम्मद सिद्दीक गनई, गुलाम जीलानी लीलू और फारूक अहमद डग्गा शामिल हैं। यह चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। इनके अलावा एनआईए ने मोहम्मद मकबूल पंडित और ऐजाज अहमद भट का नाम भी आरोप पत्र में शामिल किया है लेकिन ये दोनों अभी फरार हैं। दोनों के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किये हैं। सैयद सलाहुद्दीन के नाम से कुख्यात और शाहिद यूसुफ के पिता मोहम्मद यूसुफ शाह को इस साल जून में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा विशेष रूप से वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया है। आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का प्रमुख होने के अलावा सैयद सलाहुद्दीन यूनाइटेड जेहाद काउंसिल (यूजेसी) का अध्यक्ष भी है। यूजेसी कश्मीर में सक्रिय विभिन्न आतंकी संगठनों का एक समूह है। एनआईए ने आतंकी वित्त पोषण से जुड़े दो और मामले भी दर्ज किये हैं। इनमें से एक मामला नवंबर 2011 में दर्ज किया गया था तो दूसरा इस साल मई में दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी ने 2011 के दूसरे मामले में सैयद सलाहुद्दीन समेत 10 लोगों के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दायर कर रखा है। हालिया मामले में एनआईए ने गिलानी के कुछ करीबी रिश्तेदारों और सहयोगियों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

 

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