बेहतरीन रचनाओं के लिए रचनाकारों को मिला कलमकार पुरस्कार

 

जयपुर , 26 मार्च (एजेन्सी)। कलमकार मंच की ओर से सलीम कागजी फाउंडेशन और रावत एजुकेशनल ग्रुप के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कलमकार पुरस्कार प्रतियोगिता के विजेताओं को जगतपुरा स्थित सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी में उनकी बेहतरीन रचनाओं के लिए कलमकार पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर कहानी आज और कविता आज विषय पर आयोजित सत्र में प्रबुद्ध साहित्यकारों ने संवाद किया। यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद आचार्य पुरषोत्तम उत्तम भवन सभागार में देर रात तक चले मुख्य समारोह में द शुक्रान बीट्स बैंड के कलाकारों ने फ्यूजन म्यूजिक की स्वरलहरियां सूफीयाना अंदाज में प्रस्तुत कर दाद बटोरी। इस अवसर पर प्रतियोगिता के प्रतिभागियों की रचनाओं से सुसज्जित पत्रिका ष्कलमकारष् के कवर पेज का विमोचन भी किया गया। कलमकार पुरस्कार समारोह की शुरूआत कालिंदी सभागार में प्रसिद्ध कथाकार दूधनाथ सिंह को समर्पित कहानी आज सत्र से हुई जिसमें वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार कथाकार चरणसिंह पथिक फिल्म निर्देशक गजेंद्र श्रोत्रिय एवं युवा साहित्यकार तसनीम खान ने कहानी लेखन पर संवाद किया। सत्र का संचालन अविनाश त्रिपाठी ने किया। विख्यात व्यंग्यकार सुशील सिद्धार्थ को समर्पित कविता आज सत्र में दूरदर्शन के पूर्व निदेशक नंद भारद्वाज मध्य प्रदेश के जाने माने रचनाकार बहादुर पटेल युवा लेखिका उमा ने परिचर्चा की। कहानी आज सत्र के मुख्य वक्ता ईश मधु तलवार ने कहा कि प्रतियोगिताएं लेखक के काम को स्थापित करने का काम करती हैं। इससे उनका हौसला बढ़ता है और वे लेखन की ओर प्रेरित होते हैं। आज जो कहानियां लिखी जा रही हैं वो युवाओं की कहानियां हैं आज के समय को पकड़ती हुई कहानियां हैं। वहीं लेखक चरण सिंह पथिक ने कहानी कहने की विधा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि कहानी किसी को सोचने पर मजबूर न करेंए उसे झकझोरे नहींए उसे पढऩे में आनंद न आए तो वह कहानी नहीं। फिल्म निर्देशक गजेंद्र एस क्षोत्रिय ने कहा कि फिल्म के लिए कहानी की कलात्मकता से ज्यादा उसका प्लॉट महत्वपूर्ण होता है।

 

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