प्राइस वाटरहाउस को SEBI की रोक से नहीं मिली राहत

मुंबई। सत्यम घोटाले में ग्लोबल ऑडिट फर्म प्राइस वाटरहाउस (पीडब्ल्यू) को मार्केट रेगुलेटर सेबी की ओर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध से कोई राहत नहीं मिली है। सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) ने सूचीबद्ध कंपनियों का ऑडिट करने से दो साल के लिए सेबी द्वारा प्रतिबंध लगाने के आदेश पर स्टे देने से इन्कार कर दिया।हजारों करोड़ रुपये के सत्यम घोटाले में कथित मिलीभगत के लिए सेबी ने दस जनवरी को पीडब्ल्यू पर रोक लगाने का आदेश दिया था। सेट ने आवेदन पर सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तारीख तय करते हुए स्पष्ट किया कि पीडब्ल्यू और उसके नेटवर्क की फर्म अपने मौजूदा ग्र्राहकों को सेवा देना जारी रख सकेंगी।पीडब्ल्यू ने इस पर एक बयान में कहा कि हमें खुशी है सैट ने सेबी के आदेश के खिलाफ हमारी अपील को जल्द निपटाने की मंशा जताई है। उम्मीद है कि अपील पर फैसला छह हफ्ते में आ जाएगा। मौजूदा ग्र्राहकों को सेवाएं देना जारी रखने का स्पष्टीकरण स्वागत योग्य है।सेबी ने सत्यम मामले में पीडब्ल्यू को दोषी मानते हुए उस पर और उसके नेटवर्क की फर्मों पर सूचीबद्ध कंपनियों का ऑडिट करने से रोक लगाई थी। इसके बाद पीडब्ल्यू ने सैट में याचिका दायर की थी।सैट ने सेबी का आदेश स्टे करने से तो इन्कार कर दिया और सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तारीख तय की। सैट की बेंच के दो सदस्यों ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2017-18 के लिए पीडब्ल्यू द्वारा किए जा रहे ऑडिट में सेबी का आदेश कोई रुकावट नहीं डालता है।ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि एक जनवरी 2018 की शुरुआत से वित्त वर्ष मानने वाली कंपनियों के ऑडिट का काम पीडब्ल्यू पहले ही ले चुकी है तो इस पर भी सेबी का आदेश प्रभाव नहीं डालेगा। ऑडिट फर्म ऑडिट को छोडक़र बाकी हाथ में लिए गए सर्टिफिकेशन के काम पूरी करने की छूट होगी। लेकिन वह नया काम या नए ग्र्राहकों का कोई काम नहीं कर सकेगी। सैट ने पीडब्ल्यू को अपने मौजूदा ग्र्राहकों की सूची सौंपने का निर्देश दिया है।

 

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