‘प्रकृति बचाओ,पेड़ लगाओं संदेश रैली कल, पोस्टर का विमोचन किया

 

जयपुर, 31 मई (एजेन्सी)। जोतड़ा धाम महाराज की ओर से संचालित गऊ गौरव संदेश के तहत संत परमसुख दास के शिष्य रामकरण दास के सानिध्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए प्रकृति बचाओ, पेड़ लगाओ संदेश रैली का आयोजन रविवार 2 जून,2019 को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक किया जाएगा। सेंट्रल पार्क बी-5 के सामने से शुरू होने वाली रैली को जोतड़ा धाम के संत हरी झडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह सदेश रैली शहर के विभिन्न बाजारों और मार्गों से होते हुए शहरवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी। इस दौरान पांच सौ से अधिक महिलाएं हरे रंग की साड़ी में रैली में शामिल होकर शहरवासियों को प्रकृति संरक्षण का संदेश देंगी। इसके साथ ही हजारों क संख्या में शहरवासी भी शामिल होंगे। इस सम्बन्ध में शुक्रवार को पोस्टर का विमोचन भी किया गया। मुख्य संयोजक ओम खड़ोलिया ने कहा कि पेड़ पौधे पृथ्वी का शृंगार होते हैं। ये न सिर्फ हरियाली दर्शाते हैं बल्कि मानव जीवन के आधार भी हैं। पेड़ों से ही हमें प्राणवायु ऑक्सीजन मिलती है। लेकिन वर्तमान में मानव जाति प्रकृति के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है और वृक्षों को काट रही जिससे वन कम हो रहे हैं और धरा ग्लोबल वार्मिंग की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस रैली के माध्यम से शहरवासियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ अधिकाधिक पेड़ पौधे लगाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। सह संयोजक शीला सैनी ने बताया कि जोतड़ा धाम के महाराज के सानिध्य में चल रहे गऊ गौरव संदेश के तहत प्रकृति बचाओ, पेड़ लगाओ संदेश रैली का आयोजन किया जा रहा है। शीला सैनी ने बताया कि वर्तमान में केन्द्र सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जो योजनाएं चलाई भी जा रही हैं वह सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। जिसके कारण वन और वन्य जीवों का जीवन संकट में हैं। वन व वन्य जीवों की रक्षा भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है। गाय को भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा माना जाता है तभी तो उसे गौ माता का दर्जा दिया गया है। मुख्य संयोजक ओम खड़ोलिया व सह संयोजक शीला सैनी ने कहा कि हम प्रकृति बचाओ, पेड़ लगाओ संदेश रैली के माध्यम से लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने तथा सरकार का ध्यान पर्यावरण संरक्षण की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं। इस रैली का उद्देश्य गऊ माता की रक्षा करना तथा प्रकृति का वृक्षों से श्रृंगार करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार की ओर से गोचर भूमि पर संरक्षण कार्य किए जाने चाहिए ताकि यहां गायों को संरक्षित किया जा सके। इसके लिए जंगली बबूल को हटाकर वहां हरे पेड़ पौधे व घास लगाई जानी चाहिए ताकि गाय सहित अन्य वन्य जीवों को भोजन मिल सके। इस संदेश रैली से लोगों को जागरूक किया जाएगा कि प्रकृति के कारण ही मनुष्य जीवन संरक्षित है। यदि प्रकृति इसी तरह नष्ट होती रही तो मानवजीवन भी नहीं बचेगा।

 

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