गुरुसर मोडिया में हनीप्रीत के लिए सर्च ऑप्रेशन

हरियाणा पुलिस की एसआईटी अचानक पहुंंची

तीन थानों की पुलिस ने किया सहयोग

श्रीगंगानगरा, 21 सितम्बर (नि.स.)। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी और उसकी सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत को पकडऩे के लिए हरियाणा सरकार द्वारा गठित किये गये विशेष जांच दल (एसआईटी) की एक टीम ने गुरुवार दोपहर को अचानक श्रीगंगानगर जिले के गुरुसर मोडिया में छापा मारा। गुरुसर मोडिया में डेरा प्रमुख के पुराने व नये मकानों, वहां डेरा द्वारा संचालित शाह सतनाम सिंह सीनियर सैकण्डरी गल्र्स स्कूल के हॉस्टल तथा आसपास के खेतों में सर्च ऑप्रेशन चलाया। इस सर्च ऑप्रेशन में सूरतगढ़ सदर थाना, शहर थाना और गोलूवाला थानों की पुलिस ने डीएसपी ओनाड़ सिंह के नेतृत्व में सहयोग किया। यह सर्च ऑप्रेशन लगभग 5 घंटे चला। एसआईटी के डीएसपी मुकेश मल्होत्रा और उनकी टीम ने इन सभी जगहों की गहनता से तलाशी ली। आसपास के खेतों को भी चैक किया। एसआईटी को न तो हनीप्रीत मिली और न ही डेरा सच्चा सौदा के प्रबंधन से जुड़े हुए ओहदेदार-जिम्मेदार डेरा प्रेमी मिले। आशंका यह भी जताई जा रही थी कि डेरा के प्रवक्ता आदित्य इंसां भी यहीं-कहीं छिपे हो सकते हैं, लेकिन वहंा न हनीप्रीत मिली और न ही आदित्य इंसां मिले। स्थानीय पुलिस के अनुसार दो बोलेरो गाडिय़ों व एक इनोवा गाड़ी में पंचकूला से एसआईटी की टीम दोपहर लगभग एक बजे सीधे गुरुसर मोडिया पहुंची। बता दें कि गुरुसर मोडिया डेरा प्रमुख का पैतृक गांव है। यहां उनके पुराने पैतृक निवास को, नया आलीशान मकान बनने के बाद नामचर्चा घर में बदल दिया गया था। एसआईटी ने इन दोनों घरों को चैक किया। नये आलीशान मकान में, विगत 28 अगस्त को डेरा प्रमुख को सीबीआई कोर्ट पंचकूला द्वारा साध्वी देहशोषण प्रकरणों में 20 वर्ष की सजा सुनाये जाने के बाद से उनकी माता नसीब कौर, पत्नी हरजीत कौर, बेटे आदि परिवार के सदस्य रह रहे हैं। मां और पत्नी ने 28 अगस्त को कोर्ट का फैसला आने के दो घंंटैे बाद ही सिरसा में सच्चा सौदा डेरा के मुख्यालय को छोड़ दिया था। यह दोनों सीधे गुरुसर मोडिया में आ गये थे। एसआईटी की टीम को नये मकान में रह रहे परिवार के सदस्यों ने सर्च ऑप्रेशन में पूरा सहयोग प्रदान किया। स्थानीय पुलिस के मुताबिक शाह सतनाम सिंह सीनियर सैकण्डरी गल्र्स स्कूल के हॉस्टल में रह रही करीब दो दर्जन छात्राओं, वार्डन व अन्य महिला स्टाफ को पूरी तरह से चैक किया। एक-एक का आईडी प्रूफ देखा। तत्पश्चात् एसआईटी ने डेरा प्रमुख के खेतों तथा इसके साथ लगते दूसरे लोगों के खेतों को भी चैक किया। यह सर्च ऑप्रेशन सायं करीब 4.30 बजे तक चला। एसआईटी को यहां कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। सर्च ऑप्रेशन के दौरान गांव में आने-जाने वालों की भी कड़ी चैकिंग की गई। मौके पर गोलूवाला के थानाप्रभारी बूटासिंह, सूरतगढ़ शहर थानाप्रभारी नारायणसिंह भाटी और सदर थाना के कार्यवाहक प्रभारी भागीरथ मौजूद रहे। एसआईटी ने गांव में पहुंचने से कुछ ही देर पहले हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिला पुलिस के उच्चाधिकारियों से सर्चिंग में मदद का आग्रह किया था। इस पर गुरुसर मोडिया में काफी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी मुहैया करवाये गये। इन महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही हॉस्टल, स्कूल को चैक किया गया। गुरुसर मोडिया में डेरा द्वारा एक अस्पताल भी संचालित है। पता चला है कि इस हॉस्पीटल को भी एसआईटी ने चैक किया।

उड़ती रही अफवाहेंं

हरियाणा के एसआईटी की टीम के दोपहर को गुरुसर मोडिया पहुंचने और सर्च ऑप्रेशन शुरू करने के साथ ही सोशल मीडिया तथा खबरिया चैनलों पर अफवाहें सरगर्म हो गईं कि हनीप्रीत डेरा प्रमुख के इस पैतृक गांव में छिपी हुई है। वह डेरा द्वारा संचालित गल्र्स स्कूल के हॉस्टल में रह रही छात्राओं के साथ ही वेश बदलकर रह रही है। ऐसी पुख्ता सूचना मिलने पर एसआईटी उसे पकडऩे के लिए गुरुसर मोडिया में पहुंची है। इस बीच एक खबरिया चैनल ने तो यह खबर ही प्रसारित कर दी कि हनीप्रीत को एसआईटी ने दबोच लिया है। सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ी कि जैसे ही एसआईटी ने छापा मारा, गल्र्स हॉस्टल से एक युवती निकलकर खेतों की तरफ भाग निकली। उसे पकडऩे के लिए खेतों में कॉम्बिंग ऑप्रेशन चलाया गया। जब इस युवती को पकड़ा गया, तो वह हनीप्रीत नहीं, बल्कि कोई जसमीत नाम की दूसरी युवती थी। सर्च-कॉम्बिंग ऑप्रेशन में शामिल राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने इस कौरी अफवाह बताया। उन्होंने बताया कि कोई युवती वहां से निकलकर नहीं भागी। न ही वहां पर कोई जसमीत नाम की युवती थी। यह सब सोशल मीडिया के अपने दिमाग ही उपज थी। सर्च ऑपे्रशन शांतिपूर्वक चला। किसी ने कोई विरोध नहीं किया।

एसआईटी के इनपुट पर बड़ा सवाल?

एसआईटी की इस छापेमारी और सर्च ऑप्रेशन पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किस इनपुट के आधार पर गुरुसर मोडिया में यह सर्च ऑप्रेशन चलाया गया। सर्च ऑप्रेशन पूर्ण होने के बाद मौके पर ही एसआईटी की अगुवाई कर रहे हरियाणा पुलिस के डीएसपी मुकेश मल्होत्रा ने मीडिया को बताया कि हनीप्रीत के यहां छिपे होने की सूचना मिली थी। इसीलिए यहां पर छापा मारा गया, लेकिन यहां कोई नहीं मिला। उनकी टीम अब वापिस जा रही है। इस कार्रवाई पर सवालिया निशान इसलिए लगा है, क्योंकि डेरा प्रमुख के परिवारजनों-विशेषकर उनकी माता और पत्नी के साथ हनीप्रीत का 36 का आंकड़ा था। हनीप्रीत को यह दोनों फूटी आंख नहीं सुहाते थे। वहीं हनीप्रीत की डेरा प्रमुख से बेहद नजदीकियां इनको अखरती थीं। यहां तक कहा जाता है कि डेरा प्रमुख अपने इन परिवारजनों के साथ कईं-कईं दिन तक बात नहीं करते थे। उसके लिए सब कुछ हनीप्रीत ही थी। सिरसा डेरा में बाबा की गुफा तक जाने की इजाजत हनीप्रीत को ही थी। बाबा के परिवार का कोई सदस्य वहां नहीं जा पाता था। जबसे गुरमीत राम रहीम को सजा हुई है, तब से डेरा के दूसरे प्रबंधकों ने भी हनीप्रीत से कन्नी काट ली है। ऐसे में हनीप्रीत डेरा प्रमुख के गांव में आकर छिपने के बारे में सोच ही नहीं सकती होगी, क्योंकि यहां उसका कोई खैर-ख्वाह नहीं है। उसे यहां डेरा प्रमुख का परिवार शरण-संरक्षण क्यों देगाा?

एक माह से कड़ी चैकिंग

हनीप्रीत के गुरुसर मोडिया में छिपे होने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि विगत 16 अगस्त के बाद से इस गांव में आने-जाने के सभी छोटे-बड़े मार्गांे पर श्रीगंगानगर व हनुमानगढ जिलों की पुलिस के नाके तथा स्थाई रूप से पिकेट्स लगे हुए हैं। हर आने-जाने वाले को कड़ी चैकिंग से गुजरना पड़ता है। गाडिय़ां भी चैक की जा रही हैं। राजस्थान पुलिस के अधिकारी खुद हैरान हैं कि आखिर एसआईटी ने कैसे सोच लिया कि हनीप्रीत या आदित्य इंसां यहां छिपे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *