सीकर जिले के प्रभारी सचिव ने विभागीय योजनाओं की क्रियान्विति के संबंध में ली समीक्षा बैठक

 

जयपुर, 26 जून (कासं.)। सीकर जिले के प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने कहा कि सीकर जिले को कन्या भ्रूण हत्या से पूर्णतया मुक्त कराने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करावें। उन्होंने कहा कि जीवन जीने का अधिकार सभी को प्राप्त है, कन्या की कोख में हत्या करना एक जघन्य अपराध है जिसके लिए अपराधी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएं। सीकर प्रभारी सचिव बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जिले के राजकीय व निजी अस्पतालों में कन्या भ्रूण परीक्षण के संबंध में सघन निरीक्षण करावें तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग लेकर पीसीपीएनडीटी एक्ट में कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सीएचसी, पीएचसी संस्थानों में मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में दवाओं की उपलब्धता रखी जाए तथा कहीं भी बीमारी से किसी की असामयिक मृत्यु नहीं होने पाए इसकी सुनिश्चितता की जाये। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि एमसीएच डे किसी भी स्थिति में निरस्त नहीं किया जाए एवं इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ए.एन.एम, आशा सहयोगिनी सहित चिकित्सा विभाग के कार्मिकों का अपेक्षित सहयोग लेकर धात्री महिलाओं, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों में फायर सिस्टम लगे होने की नगर परिषद जांच करें एवं जो नियमों का पालन नहीं करें, उन्हें नोटिस जारी करते हुए कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सुबीर कुमार ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता को निर्देश दिए कि विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्यवाही करते हुए विद्युत चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के विरूद्ध विद्युत चोरी थानों में मुकदमा दर्ज कराने की कार्यवाही करें। उन्होंने पंचायती राज विभाग को जनता जल योजना में उन्हें स्थानान्तरित किए गए हैण्डपम्प , ट्यूबवैल के वर्तमान में चालू स्थिति में होने, पेयजल कनेक्शन के विद्युत बिल समय पर जमा होने के संबंध में अपडेट जानकारी भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों में मीड डे मिल, पौषाहार पकाने के बर्तनों की सही ढंग से साफ-सफाई की जाए तथा पौषाहार में मिलने वाला चना, दाल गुणवत्ता पूर्ण होना चाहिए। प्रभारी सचिव ने नगर परिषद आयुक्त, पुलिस विभाग, नगर सुधार न्यास, यातायात विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर हाथ ठैलों द्वारा किए गए अस्थाई अतिक्रमण को हटाकर यातायात व्यवस्थित कि जाने की हिदायत दी। उन्होंने कृषि विभाग से किसानों के लिए खाद, बीज, यूरिया की उपलब्धता रखने, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को पालनहार योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, सहकारी समिति के व्यवस्थापकों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिलवाने, पीएचईडी को जिले में पेयजल की सूचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने, परिवहन विभाग को ओवर लोड वाहनों के विरूद्ध उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लेवल प्रथम , द्वितीय , तृतीय व चतुर्थ पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि लम्बित प्रकरणों का समयबद्धता से निस्तारण करते हुए अधिकारियों की जवाबदेयता निर्धारित की जाए । उन्होंने कहा कि सम्पर्क पोर्टल के प्रकरणों में संबंधित उपखण्ड अधिकारियों से जिला कलेक्टर निस्तारण नहीं होने के संबंध में जानकारी प्राप्त कर अवगत करवायें। उन्होंने बताया कि जनता अधिकारियों को आशा की नजर से देखती है इसलिए जन समस्याओं का निस्तारण करना उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जिला कलेक्टर सी.आर.मीना ने बैठक में कहा कि समस्त विभागीय अधिकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक गति लाना सुनिश्चित करें एवं प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों की अक्षरश: पालना करना सुनिश्चित करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. अमन दीप सिंह कपूर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण सिंह गोठवाल, यूआईटी सचिव सोहनराम चौधरी, एसीएम (प्रथम) मुख्यालय सीकर अनिल महला, सीएमएचओ डॉ. अजय चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत विद्याधर सिंह, कृषि उप निदेशक शिवजीराम कटारिया सहित जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

 

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