कैसे एक सिंधी परिवार की कपड़े की दुकान बनी 1.8 बिलियन डॉलर की मल्टीनेशनल कंपनी

 

नई दिल्ली। मोहन वासवानी के पिता जिन्होंने 70 साल पहले इंडोनेशिया के एक छोटे से कस्बे में कपड़े की दुकान से शुरुआत की थी। उन्होंने एक बार मोहन से कहा था कि एक दिन वे दुनिया भर में व्यापार करेंगे। 80 साल के वासवानी आज तोलाराम ग्रुप के मालिक है जिसकी वैल्यू आज 13,320 करोड़ रुपए (1.8 अरब डॉलर) है। फिलहाल समूह के 75 से ज्यादा देशों में 18 तरह के बिजनेस हैं। भारत-पाक बंटवारे के दौरान परिवार के मुखिया खानचंद इंडोनेशिया चले गए। वासवानी परिवार के सदस्य 18वीं शताब्दी में पाकिस्तान के सिंध प्रांत से इंडोनेशिया गए थे। उन्होंने 1948 में एक छोटी दुकान से कपड़े का बिजनेस शुरू किया था। बाद में वासवानी परिवार ने दुनियाभर में कारोबार को फैला लिया। आज तोलाराम ग्रुप का मुख्यालय सिंगापुर में है।लगभग 50 साल में कर्मचारी 10 गुना बढ़े- मोहन वासवानी मौजूदा समय में तोलाराम ग्रुप के चेयरमैन हैं। उन्होंने 10 साल की उम्र में पिता के कारोबार में काम करना शुरू कर दिया था। समय के साथ उन्होंने व्यापार का विस्तार करते हुए अमेरिका, यूके, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका में प्लांट शुरू किए। साल 1970 में पहली बार मोहन ने इंडोनेशिया के बाहर कारोबार शुरु किया। उस वक्त कंपनी में 1,000 कर्मचारी थे। फिलहाल यह आंकड़ा 10,000 पर पहुंच चुका है।
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आसान नहीं था सफर 75 बार हुए फेल
मोहन वासवानी के भतीजे सजेन असवानी का कहना है कि 70 साल में ग्रुप ने अलग-अलग 100 तरह के कारोबारों में हाथ अजमाया। इनमें से 75त्न फेल हो गए। लेकिन, जो 25त्न कामयाब रहे उन्होंने यहां तक पहुंचा दिया। सजेन अभी तोलाराम ग्रुप के सीईओ हैं।
जड़ों से जुड़े रहना है सफलता का राज
वासवानी परिवार का कहना है कि 70 साल पुरानी परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहने की वजह से उसे कामयाबी मिली। वहीं ग्रुप चेयरमैन मोहन वासवानी का कहना है नए अवसर मिलते पर वो रिस्क लेने के लिए तैयार रहते हैं। वासवानी कहते हैं कि सिंधी समुदाय को कारोबार में माहिर माना जाता है। इसके अलावा प्रयाप्त धन संसाधन न होने पर भी इस समुदाय के लोग किसी और के लिए काम करने की बजाय खुद का बिजनेस शुरू करना पसंद करता है।
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नाईजीरिया में पोर्ट बना रही है कंपनी
इस ग्रुप से जुड़ी कंपनी नाईजीरिया में पोर्ट बना रही है। एस्टोनिया में ग्रुप का पेपर प्रोडक्शन का कारोबार है। इंडोनेशिया में एक बैंक का संचालन कर रहा है। भारत में यह बिजली सप्लाई करता है। पूरे अफ्रीका में फूड प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन का बिजनेस है। ग्रुप अब डिजिटल सर्विस के क्षेत्र में भी विस्तार कर रहा है। हाल ही में टुनेकु नाम से ऑनलाइन लोन बिजनेस शुरू किया है। आगे हेज फंड में निवेश की भी योजना है।

 

 

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