BS -6 मानक लागू होने से पहले बंद हो जाएगी Skoda Rapid

नई दिल्ली। देश में 1 अप्रैल 2020 से बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने है, जिसके बाद से कई कंपनियां अपने डीजल इंजन को बंद करने की घोषणा कर चुकी है। इसी कड़ी में अब स्कोडा भी शामिल हो गई है। स्कोडा के अनुसार रैपिड सेडान में मिलने वाली 1.5-लीटर डीजल इंजन को बीएस-6 मानक लागू होने से पहले बंद कर दिया जाएगा। इस बात की पुष्टि स्कोडा इंडिया के सेल्स, सर्विस और मार्केटिंग के डायरेक्टर ज़ैक हॉलिस ने की है। साथ ही, ज़ैक हॉलिस ने कहा कि रैपिड के 1.6-लीटर एमपीआई पेट्रोल इंजन की जगह, ज्यादा किफयती 1.0-लीटर पेट्रोल टीएसआई (टर्बोचार्ज्ड स्ट्रैट इंजेक्शन) इंजन को पेश किया जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि स्कोडा की तरह फॉक्सवेगन भी अपने पोलो, वेंटो और एमियो में मिलने वाले 1.5-लीटर डीजल इंजन को बंद कर सकती है। यह नया 1.0-लीटर टीएसआई पेट्रोल इंजन स्कोडा रैपिड के अलावा, फॉक्सवेगन टी-क्रॉस, नेक्स्ट-जनरेशन वेंटो और स्कोडा की अपकमिंग कॉम्पैक्ट एसयूवी (कामिक) में भी दिया जाएगा। इसके अलावा, वेंटो और पोलो जीटी टीएसआई में मिलने वाले 1.2-लीटर टीएसआई इंजन की जगह भी यही इंजन दिया जाएगा। रैपिड के मौजूदा वजऱ्न में मिलने वाला 1.6-लीटर एमपीआई पेट्रोल इंजन अधिकतम 105 पीएस की पावर जनरेट करता है। यह 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक दोनों गियरबॉक्स विकल्पों में आता है। साफ़ है कि यह 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन रैपिड के मौजूदा 1.6-लीटर पेट्रोल इंजन से ज्यादा पावरफुल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्कोडा अपनी कारों में इस 1.0-लीटर इंजन के साथ सीएनजी का विकल्प भी देती है। कंपनी ने भारत में भी अपनी कारों में सीएनजी विकल्प दिए जाने के संकेत दिए थे। संभावना है कि डीजल रैपिड को बंद करने के बाद कंपनी इसे सीएनजी विकल्प में भी पेश कर सकती है।

 

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