स्मार्ट टिप्स: बैटरी व आंखों को बचाता है डार्क मोड

स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ और यूजर की आंख बचाने के मद्देनजर अधिकतर कंपनियां अपने एप में डार्क मोड पर कार्य कर रही हैं। इंस्टेंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप हो या फिर माइक्रोब्लोगिंग साइट ट्वटर सभी अपने प्लेटफॉर्म पर डार्क मोड लाने के लिए परीक्षण कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिरकार यह डार्क मोड क्या है और यह कैसे काम करता है। स्मार्टफोन की डिस्प्ले पर वर्तमान में सफेद स्क्रीन दिखती है, जिस पर आमतौर पर टेक्स्ट काले रंग के होते हैं और भी अन्य रंग दिखते हैं लेकिन उनकी संख्या कम होती है। ऐसे में सफेद स्क्रीन से बैटरी खपत तो ज्यादा होती ही है, साथ ही स्क्रीन को ज्यादा बैटरी की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा सफेद स्क्रीन से ब्लू रेज (नीली किरण) निकलती हैं, जो आंखों को प्रभावित करती हैं। इस कारण आंखों से पानी आना और आंखों की जलन जैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन सभी दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए डार्क मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है। डार्क मोड से स्क्रीन का अधिकतर हिस्सा काला रंग धारण कर लेता है और टेक्स्ट सफेद रंग के हो जाते हैं। ऐसे में डार्क मोड को ज्यादा साफ तरीके से पढ़ा जा सकता है चाहे भले ही धूप बहुत तेज क्यों न हो।
अपने डिवाइस में ऐसे पाएं डार्क मोड -कंप्यूटर/लैपटॉप पर ब्राउजिंग के दौरान डार्क मोड का इस्तेमाल करने के लिए गूगल क्रोम के कैनरी वर्जन का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन वह अभी स्टेबल वर्जन नहीं है। क्रोम के इस वर्जन को अभी कई अन्य शेष परीक्षण को पूरा करना है। इसके बावजूद भी आप गूगल क्रोम पर मौजूद एक्सटेंशन की मदद से डार्क मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे अपने ब्राउजर में शामिल करने के लिए यूआरएल बॉक्स में //https://chrome.google.com/webstore टाइप करें। इसके बाद बाईं ओर सर्च का विकल्प दिखाई देगा, उसमें एक्सटेंशन का नाम डार्क मोड टाइप करें। एक्सटेंशन खुलते ही दाईं ओर दिया गए ‘एड टू क्रोम का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक कर दें। ऐसा करने के कुछ
देर बार आपके ब्राउजर में उसका आइकन शामिल हो जाएगा। इसके बाद आप उसका आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। क्रोमवेब स्टोर पर इस तरह के कई एक्सटेंशन मौजूद हैं।
बीते तीन साल से हो रहा है काम –बीते दो -तीन सालों से कई कंपनियां डार्क मोड पर काम कर रही हैं। पहले थर्ड पार्टी एप या एक्सटेंशन डार्क मोड की सुविधा देते थे। जैसे ट्िवटर से पहले ‘ट्वीट बोट नाम का एक्सटेंशन डार्क मोड की सुविधा देता है। अब ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) निर्माता एप्पल और गूगल खुद अपने फोन में डार्क मोड को शामिल करने पर कार्य कर रहे हैं।
गूगल ने माना डार्क मोड के फायदे –गूगल ने बीते नंवबर को खुद पुष्टि की थी कि एंड्रायड फोन को डार्क मोड में रखने पर कम बैटरी की खपत होती है। गूगल ने थोड़ी जानकारी का खुलासा किया है कि किस प्रकार आपका फोन बैटरी की खपत करता है। बैटरी की खपत करनेवाला सबसे बड़ा कारक स्क्रीन की ब्राइटनेस है और स्क्रीन का कलर भी है। डार्क मोड कुल मिलाकर ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) या एप्लीकेशन के कलर को बदल कर काला कर देता है।
43 फीसदी तक बैटरी बचत-इंटरनेट दिग्गज ने प्रजेन्टेशन में दिखाया कि किस प्रकार से डार्क मोड फुल ब्राइटनेस स्तर पर ‘सामान्य मोड’ की तुलना में 43 फीसदी कम बैटरी की खपत करता है, जबकि पारंपरिक रूप से बहुत ज्यादा सफेदपन का इस्तेमाल किया जा रहा है। तकनीक दिग्गज ने इस दौरान खुद की भी गलती मानी कि वह एप डेवलपरों को अपने एप्लीकेशन के लिए सफेद रंग के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर रहा था, जिसमें से खुद गूगल के एप भी शामिल थे।
एंड्रॉयड पर एप से आ सकता है डार्क मोड -गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले यूजर गूगल प्लेस्टोर पर जाकर डार्क मोड एप डाउनलोड कर सकते हैं। default dark theme for substratum गूगल प्लेस्टोर पर है। इसकी मदद से यूजर अपनी आंखों को बचाने के साथ-साथ फोन की बैटरी भी बचा सकते हैं। यह एप फोन स्क्रीन को पूरी तरह से काला कर देता है और टेक्स्ट को सफेद कर देता है, जरूरत पडऩे पर कुछ टैक्स्ट का रंग लाल और पीला भी कर देता है।

डार्क मोड के अन्य फायदे
टेक्स्ट पढऩे की क्षमता में इजाफा होता है
कॉन्ट्रास्ट बेहतर होता है
आंखों को थकान होगी कम
कम होगी ब्लू लाइट

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *