स्नैपडील को 2016-17 में हुआ 4,647 करोड़ का घाटा

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील को वित्त वर्ष 2016-17 में 4,647 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। स्नैपडील का संचालन करनेवाली कंपनी जैस्पर इन्फोटेक ने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को बताया कि 2015-16 में उसे 3,340 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। 31 मार्च 2017 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की कुल आय 1,478.20 करोड़ रुपये की तुलना में 12.6 प्रतिशत कम होकर 1,291.30 करोड़ रुपये पर आ गयी। कंपनी ने कहा कि नुकसान बढऩे का एक कारण साख पर बट्टे के लिए एकबारगी 1,797 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाना है। स्नैपडील के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी लाभदायक विकास की तरफ तेजी से बढ़ रही है जिसका असर वित्त वर्ष 2017-18 के रिजल्ट में देखा जाएगा। ई-कॉमर्स सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण स्नैपडील के बिजनस पर गहरा असर हुआ है। यही वजह है कि ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियां अरबों डॉलर का निवेश कर चुकी हैं, फिर भी उन्हें नुकसान ही उठाना पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इन कंपनियों को लाभ में आने में कुछ वर्ष और लगेंगे। पिछले साल स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट की ओर से मिले अधिग्रहण प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। तब स्नैपडील के संस्थापकों कुनाल बहल और रोहित बंसल ने कहा था कि कंपनी भारतीय बाजार के लिए नई रणनीति बनाएगी। पिछले साल स्नैपडील ने अपनी पेमेंट सर्विसेज यूनिट फ्रीचार्ज को ऐक्सिस बैंक के हाथों 385 करोड़ रुपये में बेच दिया। यह रकम 2015 में खरीद की रकम से करीब-करीब 90 प्रतिशत कम थी। जनवरी 2018 में किशोर बियानी के फ्यूचर सप्लाइ चेन सलूशंज ने स्नैपडील की लॉजिस्टिक्स आर्म वल्कन एक्सप्रेस को 35 करोड़ रुपये में खरीद लिया था। कंपनी ने लागत घटाने के लिए कर्मचारियों की संख्या में भी बड़ी कटौती की है।

 

 

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