सफाई कर्मचारियों का सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिणिक विकास प्राथमिकता से किया जाये-झाला

जयपुर, 29 जून (का.सं.)। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष मनहर वल्जीभाई झाला ने कहा कि प्रदेश में संचालित योजनाओं के माध्यम से सफाई कर्मचारियों का सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास प्राथमिकता से किया जाये जिससे उनके परिवार का जीवन स्तर बेहतर हो सके। सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शुक्रवार को शासन सचिवालय में पुलिस महानिदेशक सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के उत्थान के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि सीवरेज सफाई करते हुए दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को नियमानुसार 15 दिन में सहायता राशि का भुगतान किया जाये एवं सीवरेज सफाई के दौरान पूरी तरह से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जाएं। उन्होंने हाथ से मैला ढोने की प्रथा की समीक्षा करते हुये कहा कि सर्वे में चयनित सभी सफाई कर्मचारियों का नियमानुसार पुर्नवास करने के साथ उन्हें आवास शौचालय व अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया करावें। इसी प्रकार सफाई कर्मचारियों का समय समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर जोर देते हुये कहा कि आगामी 14 अगस्त को पूरे प्रदेश की 191 नगर पालिकाओं, परिषदों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाकर सभी सफाई कर्मचारियों को हैल्थ कार्ड दिये जाएं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को स्वरोजगार से जोडने के लिए आगामी दो माह में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोडऩे तथा जिला एवं उपखण्ड स्तर पर सतर्कता, मानिटरिंग समितियां गठित करने, जयपुर मुख्यालय पर कोचिंग व अन्य परीक्षाओं की तैयारियों के लिए छात्रावास व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता ने प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के उत्थान के लिये किये जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 21 हजार से ज्यादा सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया हेतु लाटरी निकाल दी गई है, शीघ्र ही कोर्ट से अनुमति मिलते ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जावेगी। इसी प्रकार सीवरेज सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के साथ, आवश्यक सुरक्षा उपकरण देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने सफाई आयोग को विश्वास दिलाया कि सीवरेज सफाई के दौरान मरे सफाई कार्मिकों के आश्रितों को 15 दिवस में नियमानुसार सभी सहायता दे दी जायेगी। इसी प्रकार हाथ से मैला ढोने वाले परिवारों का 20 जिलों में सर्वे कराया जा रहा है, जो सर्वे में मिलेंगे उनका शीघ्र पुर्नवास कर दिया जायेगा। पूर्व में 333 हाथ से मैला ढोने वाले परिवारों का पुर्नवास किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश की 191 नगर पालिकाओं को स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्त कर दिया गया है। प्रदेश में लगभग 2 लाख 80 हजार शौचालय घरों में बनाए गये वहीं 2275 सामुदायिक शौचालय भी बनाएगें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एससी, एसटी, ओबीसी व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं में सफाई कर्मचारियों को लाभान्वित किया जा रहा है।मुख्य सचिव ने विश्वास दिलाया कि सफाई कर्मचारी आयोग के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार अच्छा कार्य करेगी। बैठक में पुलिस महानिदेशक ओ.पी.गल्होत्रा ने अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एससी वर्ग द्वारा दर्ज कराये प्रकरणों की जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह के प्रकरणों में तत्परता से कार्यवाही की जा रही है। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. महान्ति ने कहा कि प्रदेश में हाथ से मैला ढोने वाले परिवारों का सर्वे अन्तिम चरण में चल रहा है। सर्वे में अब तक 7 हजार 57 आवेदन ?से परिवारों के प्राप्त हुए, जांच के उपरान्त 706 आवेदन सही पाए गये हैं जिनकी सूची तैयार कर भारत सरकार को भेजी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला मुख्यालय पर शीघ्र विशेष शिविर लगाकर संचालित योजनाओं से सफाई कर्मचारियों को लाभान्वित किया जायेगा। इस अवसर पर स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन महाजन ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई नवाचार किये जा रहे हैं उनका वेतन बैंक खातों के माध्यम से दिया जा रहा है तथा समय पर पदोन्नतियां की जा रही है वहीं अनुकम्पात्मक नियुक्तियां दी जा रही हैं। इसी प्रकार स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश में स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम को बड़े जोर शोर से चलाया जाकर विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार कर आमजन को जोडऩे के साथ 2 लाख 80 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक डा. समित शर्मा व अनुजा निगम के प्रबन्ध निदेशक अनिल गुप्ता ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष गोपाल पचेरवाल, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य सदानन्द महाराज, गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव दीपक उप्रेति सहित पेयजल विभाग, चिकित्सा, शिक्षा, श्रम विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव सहित सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

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