टिकटॉक से जंग में शेयरचैट को मिला ट्विटर का साथ

10 करोड़ डॉलर के फंडिंग राउंड की अगुवाई कर रही ट्विटर, भारतीय ऐप में लगा सकती है 5 करोड़ डॉलर। बताया जा रहा है कि बाकी रकम शाओमी, शुनवेई कैपिटल, मॉर्निंगसाइड वेंचर्स जैसी शेयरचैट की मौजूदा निवेशकों की ओर से आएगी। 

मुंबई, बेंगलुरु। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर भारत के सोशल नेटवर्किंग ऐप शेयरचैट में 10 करोड़ डॉलर की फाइनैंसिंग की अगुवाई कर रही है। मामले से वाकिफ दो लोगों ने बताया कि यह दुनियाभर में ट्विटर का इस तरह का पहला निवेश होगा। मार्केट शेयर के लिए चीन की बाइटडांस से कड़ी होड़ का सामना कर रही शेयरचैट की वैल्यू इस फंडिंग राउंड में 60-65 करोड़ डॉलर लग सकती है। बताया जा रहा है कि ट्विटर 5 करोड़ डॉलर से ज्यादा पैसा लगाएगी और बाकी रकम शाओमी, शुनवेई कैपिटल, मॉर्निंगसाइड वेंचर्स जैसी शेयरचैट की मौजूदा निवेशकों की ओर से आएगी। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि इस राउंड में हांगकांग की हिलहाउस कैपिटल भी निवेश कर सकती है। ट्विटर के को-फाउंडर जैक डोर्सी इस डील से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। ट्विटर भारत के छोटे शहरों में पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। शेयरचैट पैसे के लिए चीन की दिग्गज इंटरनेट कंपनी टेनसेंट से बातचीत कर रही थी। सूत्रों ने हालांकि बताया कि सालभर में बातचीत की यह दूसरी कोशिश भी सफल नहीं हो सकी। इसके बाद सैनफ्रांसिस्को की ट्विटर ने शेयरचैट की ओर कदम बढ़ाया। कुलमिलाकर शेयरचैट करीब 12 करोड़ डॉलर की रिस्क कैपिटल जुटा चुकी है। इस सेगमेंट पर नजर रखने वाले एक निवेशक ने कहा, ‘ट्विटर इस तरह का माइनॉरिटी इनवेस्टमेंट कभी नहीं करती है। आमतौर पर वह कंपनियों को खरीद लेती है। शेयरचैट के लिए यह निवेश काफी मायने रखता है, खासतौर से यह देखते हुए कि बाइटडांस उसके प्लेटफॉर्म से काफी यूजर्स को उड़ा ले गई है। शेयरचैट ने यूजर जेनरेटेड कंटेंट बेस्ड ऐप्स में अपनी खास जगह बनाई है। हालांकि भारत में बाइटडांस की आक्रामकता से उस पर काफी दबाव आया है। संपर्क किए जाने पर ट्विटर ने कॉमेंट करने से मना कर दिया, वहीं शेयरचैट और हिलहाउस ने फाइनैंसिंग राउंड के बारे में जवाब नहीं दिया। बाइटडांस के शॉर्ट विडियो ऐप टिकटॉक और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हेलो की शेयरचैट से सीधी टक्कर है। शेयरचैट की स्थापना अंकुश सचदेव, भानु सिंह और फरीद अहसन ने की थी। सूत्रों ने बताया कि कंपनी नए फंडिंग राउंड के बाद अपने प्लेटफॉर्म पर कॉमर्स की सुविधा भी दे सकती है। शेयरचैट का मालिकाना हक रखने वाली मोहल्लाचैट ने वित्त वर्ष 2018 में कोई आमदनी दर्ज नहीं की थी। दूसरे स्रोतों से उसकी आमदनी 1.7 करोड़ रुपये थी और उसे 34 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। पिछले साल सितंबर में शेयरचैट ने 3489 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर 720 करोड़ रुपये जुटाए थे।

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