कोई मुझे चरित्रहीन कहे या जलनखोर फर्क नहीं पड़ता स्वरा भास्कर

बॉलिवुड ऐक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने ओपन लेटर लिखकर भंसाली की क्लास लगाई। उनका कहना था कि फिल्म में महिलाओं को वजाइना के तौर पर सीमित कर दिया गया है। अब इस लेटर के जवाब में भंसाली की फिल्म ‘गोलियों की रासलीला रामलीला के को-राइटर रहे सिद्धार्थ-गरिमा सहित तमाम और लोगों ने स्वरा पर पलटवार किया है। जवाब देने में स्वरा भी पीछे नहीं है। बातचीत में स्वरा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने कोई गलत सवाल उठाए है। पूरे मामले में स्वरा कहती हैं, ‘मैं इस पूरे मामले में यही कहना चाहूंगी कि सबको अपने विचार, अपनी बात और किसी भी विषय पर अपनी प्रतिक्रिया रखने का पूरा हक है और उसी हक का इस्तेमाल करते हुए मैंने ओपन लेटर लिखा है। मुझे लगता है मैंने अपनी बात काफी सम्मान और सबका आदर रखने के साथ कही है। यह लेटर लिखते समय मेरे मन में कभी भी कोई बुरी मंशा या इससे संबधित कोई बात नहीं थी, फिल्म देखने के बाद मेरे मन में जो भी सवाल उठे…. मैंने उन्ही सवालों को सामने रखा है, पूछा है। अगर कोई व्यक्ति मेरे सवालों से सहमत नहीं है…. तो कोई बात नहीं, यह एक लोकतंत्र है, यहां सबको सवाल पूछने का अधिकार है। यह अच्छी बात है कि लोग सोचते हैं कि एक विषय पर अलग-अलग विचार हो सकते हैं। मेरे हिसाब से बहस और बातचीत होनी ही चाहिए, कला का मकसद ही वाद-विवाद होता है।
आपको लगा था आपके ओपन लेटर के बाद इस तरह की बहस होगी? जवाब में स्वरा कहती हैं, ‘मुझे कभी भी नहीं लगा था कि एक ओपन लेटर लिखने से इतना बवाल हो जाएगा, मुझे यह भी नहीं लगा था कि जो लोग फिल्म से भी नहीं जुड़े हैं वे लोग इतने ज्यादा नाराज हो जाएंगे। मुझे यह भी नहीं लगा था वजाइना शब्द का इस्तेमाल करने से इतना बवाल हो जाएगा। मुझे लगता है इसमें किसी को इतना नाराज होने की जरूरत नहीं है। मैंने अपनी बात रखी… लोगों ने जवाब दिया, खास तौर से उनको तो बिल्कुल भी नाराज होने की जरूरत नहीं है, जिनका पद्मावत से कोई लेना-देना ही नहीं है। क्या संजय लीला भंसाली से कोई बात हुई आपकी? जवाब में स्वरा ने बताया, जी नहीं अब तक मेरी संजय सर से कोई बात नहीं हुई है, मैंने तो अपना लेटर ओपन लिखा था। ओपन लेटर लिखने की वजह थी कि यह फिल्म एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गई है और अब फिल्म लोगों के सामने है तो बात तो होगी ही। मैं याद दिला दूं कि जब फिल्म को लेकर विवाद शुरू हुआ था तबसे मैंने बिना किसी करणी सेना की परवाह के संजय लीला भंसाली और पद्मावत की टीम से साथ खड़ी रही हूं, खुलकर करणी सेना के खिलाफ बयान दिए हैं और पूरे विवाद में लगातार पद्मावत का सपॉर्ट किया है। हर कलाकार का हक है कि वह जो भी कहानी बनाना और बताना चाहता है वह एक सुरक्षित समाज में बनाए और दिखाए, इसलिए मैंने बार-बार करणी सेना के हिंसा की निंदा की है। पद्मावत अब पब्लिक डोमेन में है इसलिए खुलकर बात करनी चाहिए, इस फिल्म पर बहस इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इस फिल्म की वजह से ही बाकी तमाम मुद्दों पर भी बात हुई है और हो रही है। मैं चाहती थी कि मेरे सवाल भी राष्ट्रीय बातचीत का हिस्सा बनें। आपके इस ओपन लेटर को पब्लिसिटी स्टंट कहकर भी ट्रोल किया गया है, यह भी कहा गया कि आपको इस ओपन लेटर लिखने के लिए पैसे भी दिए गए हैं। इस पर आप क्या कहेंगी? जवाब में स्वरा ने कहा, ‘आजतक मुझे कभी किसी मीडिया में बात करने के कोई पैसे नहीं दिए हैं, अगली बार से आपको जवाब देने से पहले मैं पैसे मांग लूंगी। देखिए किसी की बात को तुरंत गैर-जायज बनाने का सबसे आसान तरीका है इस तरह की बातें कहना। अगर बात कहने वाली मेरी तरह कामकाजी लड़की है तब तो कहा जाता है कि बात कहने के पैसे मिले हैं, पब्लिसिटी स्टंट है, जलती है सामने वाले से और इससे आगे कह देते हैं कि लड़की का तो चरित्र ही बुरा है। मेरे बारे में यह सब बातें हो चुकी हैं, यह सब मेरे साथ पहली बार नहीं हो रहा है, इसलिए मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, इन फालतू की बकवास बातों का क्या जवाब दिया जा सकता है। मैं विश करती हूं कि लोग मुझे बात करने के लिए पैसे दे दें।’ आपको लगता है यह सब बातें आपके करियर पर कोई प्रभाव डालेगीं? स्वरा कहती हैं, मुझे लगता है मेरी मंशा गलत नहीं थी, मेरे मन में उठे सवाल थे इसलिए मैंने सवाल सामने रखें, समाज में इन मुद्दों पर बात होनी जरूरी है। भारत की जनता इतना पढ़ती है, यह जानकार अच्छा लगा मुझे, मुझे नहीं लगता मेरे करियर में इस चि_ी का कोई गलत प्रभाव होगा।

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *