होम लोन ट्रांसफर से पहले चार बातों का रखें ख्याल

नई दिल्ली। अगर आपने महंगी ब्याज दर पर होम लोन लिया है और ईएमआई चुकाने में परेशानी आ रही है तो थोड़ी समझदारी से इस समस्या से बाहर निकल सकते हैं। आप होम लोन को किसी दूसरे बैंक में सस्ते ब्याज दर पर ट्रांसफर करके ईएमआई का बोझ कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको इन चारों बातों का खास ख्याल रखना होगा। इसमें अन्य बैंकों की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क जैसी अहम बातें शामिल हैं। ऐसा कर आप ईएमआई को बोझ घटाकर अच्छी बचत कर सकते हैं। होम लोन ट्रांसफर के लिए आपको मौजूदा बैंक में आवेदन देना होगा। आपके आवेदन पर बैंक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और एक स्टेटमेंट इश्यू करेगा। आप जिस बैंक में लोन ट्रांसफर करना चाह रहे हैं, उस बैंक में एनओसी जमा करेंगे और लोन ट्रांसफर हो जाएगा। लोन ट्रांसफर के लिए आवेदक की फोटो, बैंक खाते की डिटेल, पहचान पत्र व पते की कॉपी, आय का सबूत, आदि दस्तावेज जरूरी हैं। इसके साथ मौजूदा वित्तीय संस्थान से मिला एनओसी और प्रॉपर्टी के कागजातों की एक कॉपी होना चाहिए। होम लोन का ट्रांसफर तभी फायदेमंद होगा, जब कुल बचत आने वाले खर्च से अधिक है। अगर आपके लोन की अवधि में कुल बचत कुल लागत से कम है तो होम लोन का ट्रांसफर नहीं करें। इसलिए लोन शिफ्ट करने से पहले खर्च का विश्लेषण जरूर कर लें।होम लोन ट्रांसफर करने से पहले क्रेडिट स्कोर जरूर चेक करें।अच्छे क्रेडिट स्कोर की स्थिति में ग्राहक को सस्ते ब्याज पर बैंक लोन देते हैं। होम लोन के शुरुआती साल में बैंक ईएमआई का ज्यादातर हिस्सा ब्याज चुकाने में जाता है। ऐसे में होम लोन का ट्रांसफर शुरुआती साल में करना ज्यादा फायदेमंद होता है। नए बैंक की प्रोसेसिंग फीस की जानकारी लें, प्रॉपर्टी को जांचने का खर्च ध्यान में रखें। डॉक्यूमेंटेशन खर्च भी लेते हैं कुछ बैंक, जिनमें स्टॉंप ड्यूटी और बीमा खर्च भी शामिल हैं।

 

 

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