शिक्षा क्षेत्र में नवाचार अपनाते हुए प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाएं-डोटासरा

 

विभागीय गतिविधियों की शिक्षा मंत्री ने की गहन समीक्षा

जयपुर, 11 जून (कासं.)।c उन्होंने कहा कि विधानसभा प्रश्नों के सबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डोटासरा ने इस दौरान विभागीय गतिविधियों की गहन समीक्षा करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में नवाचार अपनाते हुए प्रदेश केा अग्रणी बनाने के लिए सभी स्तरों पर कार्य किया जाए। उन्होंने सीएसआर के तहत शिक्षा क्षेत्र में मिलने वाले सहयोग की गतिविधियों के दायरे को बढ़ाए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सीएसआर के तहत प्राप्त होने वाली राशि का समुचित उपयोग विद्यार्थियों और शिक्षा क्षेत्र में व्यावहारिक रूप में होना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में उपयोगिता के आधार पर ही शिक्षकों का पदस्थापन किए जाने की नीति पर कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष शिक्षकों का पदस्थापन ?से स्थानों पर ही किया जाए जिनसे कि विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को उनका समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने शारीरिक शिक्षकों के कार्यों के बारे में भी समीक्षा की तथा कहा कि विद्यालयों में खेल गतिविधियों के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के विद्यालय के बच्चों की राष्ट्रीय, राज्य प्रतियिोगिताओं में समुचित भागीदारी हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षकों को जवाबदेह किया जाएगा। डोटासरा ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शि़क्षा के साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी शिक्षकों को कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है, उनका सर्वागीण विकास शिक्षा के तहत हो-इसे सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बैठक में डाईट्स को सुदृढ़ किए जाने के बारे में किए गए कार्यों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कक्षा आठ और पांचवी की परीक्षाएं जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों से ही करवाई जाए, इस पर कार्य किया जाए। उन्होंने डाईट्स को शिक्षक प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केन्द्र बनाने के लिए वहां योग्यतम शिक्षकों को लगाए जाने के भी निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान की गतिविधियों के साथ ही साक्षरता और सतत शिक्षा, ओपन स्कूल, पाठ्यपुस्तक मंडल, शिक्षा निदेशालय आदि के कार्यों के बारे में भी समीक्षा की तथा कहा कि विभागीय योजनाओं और कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन हो, इसे सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जाए। बैठक में प्रमुख शासन सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन, समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. एन.के.गुप्ता, शिक्षा निदेशक नथमल डीडेल एवं ओ.पी. कसेरा सहित बड़ी संख्या में शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।

 

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